


आज यानी 23 जनवरी को बसंत पंचमी है। ये पर्व ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती के प्रकट उत्सव के रूप में मनाते हैं। यह पर्व खासकर विद्यार्थियों, कलाकारों और उन लोगों के लिए महापर्व की तरह है जो शिक्षा से संबंधित काम करते हैं। मां सरस्वती की पूजा से बुद्धि, एकाग्रता और सफलता मिलती है।बसंत पंचमी का केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है। यह पर्व ऋतु परिवर्तन का संकेत है। सर्दी के मौसम के बाद बसंत ऋतु की शुरुआत होती है, प्रकृति में नयापन आता है। इस समय सरसों के पीले फूल खिलते हैं। पीला रंग ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है, इस दिन विशेष रूप से पीले वस्त्र पहनकर देवी पूजा की जाती है। पीला रंग आत्मविश्वास बढ़ाता है और डिप्रेशन दूर करता है। इस दिन हल्दी-केसर का सेवन करने की परंपरा है।जिस तरह प्रकृति में बसंत ऋतु से सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगते हैं, ठीक इसी तरह हमें भी जीवन में आने वाले बदलावों के लिए सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।

