


जालंधर : ज्योतिष आशु मल्होत्रा ने हमारे चैनल के माध्यम से मां भगवती के शुरू होने वाले चैत्र नवरात्रों के बारे मे जानकारी देते हुए कहा कि हर वर्ष चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवरात्रि आरंभ होती है और उसी से हमारा नववर्ष विक्रमी संवत 2083 भी आरंभ होता है जो इस बार 19 मार्च से शुरु हो रहा है और जिसके राजा बृहस्पति जी होंगे कल कलश स्थापना का शुभ महुर्त सुबह 6.55 बजे से लेकर सुबह 7.45 तक और सुबह 11.15 से लेकर दोपहर 1बजे तक होगा सुबह 7.45 तक मीन लगन होगा और लगन में सूर्य शनि शुक्र और चंद्र होंगे जो बहुत ही शूभ योग है इसके बाद सुबह 11.15 से लेकर दोपहर 1 बजे तक मिथून लगन होगा और लगन में बृहस्पति होंगे ये उतम योग में कलश स्थापना उत्तम होगा

