

जालंधर : डेरा सचखंड बल्लां में कुछ लोगों ने गत दिवस शोभा यात्रा निकालने के नाम पर हंगामा किया। डेरा सचखंड बल्लां के श्रद्धालुओं और रविदासिया समाज से जुड़े लोगों ने इस बात मद्देनज़र पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव और SSP देहात को शिकायत भेजकर आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के संबंध में कथित शोभायात्रा निकालने के नाम पर डेरा परिसर के बाहर माहौल बिगाड़ने, नारेबाजी करने और डेरा प्रबंधन के खिलाफ पोस्टर लगाने जैसी गतिविधियां की गईं।
शिकायतकर्ताओं धर्म प्रचारक कमेटी – लंबड़, कोट फतूही , मुकेरियां, बुंडाला, पासला, आदमपुर, भोगपुर, नवांशहर, बंगा के अलावा श्री गुरु रविदास एक्शन फोर्स, श्री गुरु रविदास सेना, श्री गुरु रविदास फोर्स पंजाब, सतगुरु रविदास धर्म समाज भारत, अंबेडकर सेना पंजाब के अनुसार, डेरा सचखंड बल्लां के प्रति रविदासिया समाज के लोगों की गहरी आस्था है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों की गतिविधियों से समाज में तनाव पैदा करने और डेरा प्रबंधन के प्रति नफरत फैलाने की कोशिश की गई।
शोभायात्रा की अनुमति को लेकर विवाद शिकायत में कहा गया है कि अमित कुमार उर्फ जस्सी तल्लण, मनदीप दास, ईशु थम्बड़, शुभम थम्बड़, जसविंदर सिंह माड़वी उर्फ़ जसवीर जलमाणा, मनदीप सिंह, राजेश केसरी और अन्य की तरफ 9 अक्टूबर 2026 को डेरा सचखंड बल्लां से श्री खुरालगढ़ साहिब तक शोभायात्रा निकालने की बात कही गई थी। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस आयोजन के संबंध में डेरा प्रबंधन अथवा डेरा प्रमुख संत पद्मश्री निरंजन दास जी महाराज से अनुमति नहीं ली गई थी।
शिकायत के मुताबिक, डेरा प्रबंधन ने 7 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी कर स्पष्ट किया था कि इस शोभायात्रा के आयोजन की कोई अनुमति नहीं दी गई है। इसके बाद शोभायात्रा की तारीख बदलकर 16 अक्टूबर 2026 किए जाने का भी जिक्र शिकायत में किया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस नई तारीख के संबंध में भी डेरा प्रबंधन से अनुमति नहीं ली गई थी।
डेरा परिसर के बाहर नारेबाजी और पोस्टर लगाने के आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि 16 अक्टूबर को कुछ व्यक्ति गाड़ियों और बसों के माध्यम से डेरा सचखंड बल्लां के बाहर पहुंचे। शिकायत में दावा किया गया है कि मौके पर नारेबाजी की गई और डेरा परिसर के आसपास पोस्टर चिपकाए तथा वितरित किए गए।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों की मंशा शोभायात्रा निकालने के बजाय डेरा प्रबंधन और उसके सेवादारों के खिलाफ माहौल बनाने की थी।
पुलिस सुरक्षा के प्रबंधों का भी जिक्र
शिकायत में कहा गया है कि मौके पर पुलिस की ओर से सुरक्षा के प्रबंध किए गए थे। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि इस तरह की गतिविधियों से रविदासिया समाज और डेरा सचखंड बल्लां की संगत के बीच तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने पंजाब के DGP से मांग की है कि शिकायत में नामजद व्यक्तियों तथा अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, डेरा सचखंड बल्लां के सेवादारों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।