


जालंधर के मॉडल टाउन इलाके में हुए लक्की ओबरॉय हत्याकांड की साजिश करीब 44 दिनों के भीतर रची गई। इस साजिश में लक्की ओबराय का नौकर भी शामिल बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पंजाब और हिमाचल में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।जालंधर में लक्की हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। सोशल मीडिया गतिविधियों से सामने आया है कि गैंगस्टर जोगा फोलड़ीवाल ने 25 दिसंबर 2025 को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लक्की ओबरॉय को खुलेआम धमकी दी थी। ठीक 44 दिन बाद, मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारे के बाहर दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर लक्की ओबरॉय की हत्या कर दी गई।चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या से कुछ महीने पहले तक लक्की ओबरॉय और जोगा फोलड़ीवाल के बीच गहरी दोस्ती थी। दोनों न केवल एक-दूसरे के करीबी थे, बल्कि साथ में जन्मदिन मनाते, केक काटते और सोशल मीडिया पर एक-दूसरे की पोस्ट को लाइक और शेयर करते नजर आते थे पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों के रिश्तों में दरार कुछ निजी और राजनीतिक मामलों को लेकर पड़ी थी, जो धीरे-धीरे दुश्मनी में बदल गई। बताया जा रहा है कि खालसा कॉलेज की प्रधानगी को लेकर दोनों के बीच टकराव खुलकर सामने आया। इस पूरे मामले में लक्की का एक नौकर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब बताया जा रहा है, जिसे पुलिस तलाश रही है।जांच एजेंसियों को शक है कि इस नौकर को घटना की अहम जानकारी हो सकती है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जोगा फोलड़ीवाल के चाचा गुरविंदर बाबा के साथ भी लक्की ओबरॉय के पहले अच्छे संबंध थे। हालांकि बाद में गुरविंदर बाबा पर लक्की के एक दोस्त पर हमला करवाने के आरोप लगे थे।

