


जालंधर : जिला बार एसोसिएशन ने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आगामी चुनावों को लेकर कचहरी परिसर में 16, 17 और 18 मार्च को “नो वर्क डे” घोषित किया है। यह फैसला एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में लिया गया। वहीं मामले की जानकारी देते हुए सैकेटरी डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के एडवोकेट रोहित गंभीर ने कहा कि उनकी यह स्ट्राइक किसी मुद्दे के खिलाफ नहीं है, बल्कि बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आगामी चुनावों को लेकर हो रही वोटिंग को ध्यान में रखते हुए और एडवोकेट चुनावों में हिस्सा ले सके। ऐसे में 3 दिन तक नो वर्क डे रखा गया है। एडवोकेट ने कहा कि इस चुनावों में सदस्य चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर सकें, साथियों से संपर्क कर सकें और अधिक से अधिक मतदान के लिए अपील कर सकें। जानकारी देते हुए प्रधान डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के प्रधान राम शारदा ने कहा कि 3 दिन के लिए नो वर्क डे घोषित किया गया है। दरअसल, काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आगामी चुनावों में 25 मेंबरी कमेटी का चुनाव किया जाना है। इसको लेकर होने वाले चुनावों को लेकर नो वर्क डे रखा गया है। इस दौरान उन्होंने सभी एडवोकेट में चुनाव में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लेने की अपील की है। इस बार चुनावों में जालंधर से 4 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है। उन्होंने कहा कि पिछले 13 सालों से रिप्रेजेटेंशन नहीं मिली थी, लेकिन वह चाहते है कि उनके यहां से भी उम्मीदवार जीत हासिल करें। इस दौरान कॉप्लैक्स में बदलवा करने की अपील की है। एडवोकेट ने कहा कि 22 सालों में 300 से 350 एडवोकेट बढ़ रहे है। जालंधर में 60 कोर्ट की संख्या है, लेकिन कमरे पर्याप्त नहीं है। ऐसे में रिकॉर्ड रखने के लिए दिक्कत आ रही है। यहां पर पार्किंग की समस्या बढ़ रही है। उन्होंने अपील की है कि जालंधर में एक बड़ा कॉप्लैक्स बनाया जाना चाहिए।वहीं पूर्व प्रेजिडेंट बार एसोसिएशन के आरके भल्ला ने कहा कि यह बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आगामी चुनावों को लेकर 3 दिन के लिए नो वर्क डे रखा गया है। यह चुनाव 5 साल बाद होते है, लेकिन इस बार 7 साल के बाद चुनाव हो रहे है। एडवोकेट ने कहा कि पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ में हो रहे है। ऐसे में आज चुनाव चंडीगढ़ में हो रहे है और कल पंजाब और हरियाणा कोर्ट में चुनाव होंगे। इस चुनावों में सभी एडवोकेट शामिल होते है, जिसको लेकर चुनावों में शामिल होने चंडीगढ़ में एडवोकेट गए है और उन्हें सपोर्ट करने के लिए यह फैसला लिया गया है। एडवोकेट ने कहा कि यहां बड़े कॉप्लैक्स की जरूरत है। बताया गया है कि जालंधर से करीब 3500 अधिवक्ताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल हैं। सभी वकीलों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में मतदान में हिस्सा लें और वोट का उपयोग करें। उम्मीद जताई जा रही है कि इनमें से कोई प्रतिनिधि बार काउंसिल में पहुंचकर जालंधर बार की आवाज को प्रभावी तरीके से उठाएगा।

