


जालंधर : नशा तस्करी और आपराधिक नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, जालंधर देहात पुलिस द्वारा “युद्ध नशा विरुद्ध” अभियान के तहत नकोदर सब-डिवीजन के लिली फार्म पैलेस, जालंधर–नकोदर रोड में एक विशाल संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया।यह कार्यक्रम स. हरविंदर सिंह विर्क, पीपीएस, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जालंधर ग्रामीण के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. मुकेश कुमार, पीपीएस, एसपी ( स्थानक), इंदरजीत सिंह, डीएसपी (तफ्तीश), ओंकार सिंह बराड़, डीएसपी (सब-डिवीजन नकोदर) तथा सुखपाल सिंह, डीएसपी (सब-डिवीजन शाहकोट) भी उपस्थित रहे।प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में जतींदर सिंह टाहली (सरपंच एवं ट्रक यूनियन प्रधान), दर्शन सिंह टाहली (चेयरमैन, जिला परिषद), चरणजीत सिंह (चेयरमैन, ब्लॉक समिति नकोदर), जीवन सिंह (वाइस चेयरमैन, ब्लॉक समिति नकोदर), सुरिंदर गढ़वाल (जिला कोऑर्डिनेटर, “युद्ध नशा विरुद्ध” अभियान), हरमेश सोही (काउंसलर, नकोदर), विपन शर्मा (एमडी, सत्यम कॉलेज) और सरबजीत कौर (ब्लॉक प्रधान, शहरी) सहित कई सरपंच, गांव प्रतिनिधि एवं विभिन्न गांवों के सम्मानित व्यक्ति शामिल हुए, जहां लगभग 500 नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।सभा को संबोधित करते हुए एसएसपी विर्क ने वर्ष 2025 के दौरान जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई महत्वपूर्ण कार्यवाहियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 2000 मामले दर्ज किए गए, जो नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई को दर्शाते हैं। इसके साथ ही मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए लगभग 900 व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया तथा करीब 6700 युवाओं को OOAT केंद्रों से जोड़ा गया, जिससे उन्हें पुनः सामान्य जीवन में लौटने में सहायता मिली।उन्होंने कहा कि नशों के खिलाफ लड़ाई में जनता की भागीदारी सबसे बड़ी ताकत है और इस अभियान को और मजबूत बनाने के लिए सभी को आगे आना होगा।कार्यक्रम के दौरान सेफ पंजाब पोर्टल के बारे में भी जागरूकता फैलाई गई, जो एक सरल और जनहितैषी प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से नागरिक अपराध या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दे सकते हैं। लोगों को बिना किसी भय के नशा तस्करों की सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया तथा पुलिस द्वारा सूचनादाताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया।अंत में एसएसपी विर्क ने जनता से “युद्ध नशा विरुद्ध” और “गैंगस्टरों ते वार” जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशों और अपराध के खिलाफ यह लड़ाई एक साझा जिम्मेदारी है और सामूहिक प्रयासों से ही एक नशा-मुक्त, सुरक्षित और प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सकता है।

