
मौलाना अरशद मदनी के बयान का सेक्युलर वर्ग में स्वागत
जालंधर : मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पूरी तरह जायज, तार्किक और समय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि मौलाना मदनी ने बहुत संतुलित और सकारात्मक सोच के साथ यह सुझाव दिया है कि जब देश की बड़ी आबादी गाय को पवित्र मानती है और उसे मां का दर्जा देती है, तो केंद्र सरकार को गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। इससे जहां बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं का सम्मान होगा, वहीं गाय के नाम पर होने वाली राजनीति और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
एडवोकेट नईम खान ने कहा कि मौलाना मदनी ने अपने बयान में यह महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया है कि देश के कई राज्यों में गाय वध पर कोई प्रतिबंध नहीं है, जबकि कुछ राज्यों में सख्त कानून लागू हैं और वहां गाय के नाम पर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह दोहरा रवैया समझ से परे है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार पूरे देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की पक्षधर है, तो गाय वध के संबंध में भी पूरे देश के लिए एक समान नीति बनाई जानी चाहिए।
नईम खान ने कहा कि मौलाना मदनी के इस बयान को सेक्युलर और बुद्धिजीवी वर्ग में काफी सराहना मिल रही है, क्योंकि यह बयान सामाजिक सौहार्द, समानता और कानून के एक समान पालन की बात करता है।