

जालंधर : मुस्लिम संगठन पंजाब की एक अहम बैठक संगठन के जनरल सेक्रेटरी मजहर आलम की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में 30 सितंबर को जालंधर के परागपुर में होने वाली केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रैली को लेकर संगठन की रणनीति पर चर्चा की गई। संगठन ने रैली के विरोध में प्रदर्शन करने और काले झंडे दिखाकर अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया।
मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान ने कहा कि उनके संगठन का आरोप है कि भाजपा सरकार की नीतियों से मुसलमानों को विभिन्न स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों, मदरसों, दरगाहों को अवैध बताकर गैर संवैधानिक तरीके से अवेध बताकर रातों-रात बुल्डोज करना , मुस्लिम शरियत मैं दखल देना, मुसलमानों का माबलिंचिंग करना, और पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और वोट चोरी जैसे मुद्दों को लेकर मुस्लिम समाज में रोष है। ऐसी परिस्थितियों में संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगा।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम संगठन पंजाब पंजाब के विभिन्न शहरों में प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के कार्यक्रमों के दौरान काले झंडे दिखाकर अपना विरोध दर्ज कराने की रणनीति पर काम करेगा। उनका कहना था कि संगठन भारतीय संविधान की रक्षा के लिए आम लोगों को साथ लेकर सरकार की देश और संविधान विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
वहीं संगठन के जनरल सेक्रेटरी मजहर आलम ने कहा कि भाजपा की ओर से पंजाब में नशे के खिलाफ महारैली आयोजित की जा रही है, लेकिन उनके अनुसार यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात समेत अन्य राज्यों में भी नशीले पदार्थों की बरामदगी के मामले सामने आते रहे हैं, इसलिए सरकार को देशभर में नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
मजहर आलम ने कहा कि पंजाब में आगामी चुनावों को देखते हुए नशे के मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता सभी राजनीतिक गतिविधियों को समझती है और संगठन पंजाब के लोगों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा।बैठक में कांट्रेक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन पंजाब के उपाध्यक्ष मोहम्मद शमशाद ठेकेदार, एसएस कंस्ट्रक्शन के एमडी एवं दीपनगर, जालंधर कैंट के प्रधान मोहम्मद कयूम खान, मोहम्मद नईम ऑप्टिकल, सरफराज खान सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।