1 नवंबर को महिलाओं के मोबाइल पर फिर बजेगी ‘टूं-टूं’: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

On November 1, women's mobile phones will again ring 'too-too': Chief Minister Bhagwant Singh Mann

by Sandeep Verma
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नकोदर : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि 1 नवंबर को महिलाओं के मोबाइल फोन पर एक बार फिर ‘टूं-टूं’ के संदेश गूंजेंगे, क्योंकि उनकी सरकार पहली नवंबर को ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ की अगली किस्त जारी करने जा रही है। उन्होंने लोगों का पैसा सीधे लोगों तक पहुंचाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। जालंधर जिले के विधानसभा क्षेत्र नकोदर के अंतर्गत आने वाले गांव सरींह में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने जनता के पैसे से अपने खज़ाने भरे और अब भाजपा, अकाली तथा कांग्रेसी हमारी शुरू की गई जनहितैषी योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रहे हैं।

अपनी सरकार का रिकॉर्ड पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि साढ़े चार वर्षों के दौरान पूरी तरह मेरिट के आधार पर 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं और अब गरीब परिवारों के बच्चे भी डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास ही सरकार की असली ताकत है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन के माध्यम से पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाने के अपने संकल्प को दोहराया।IMG 20261028 WA0591

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा: “जालंधर जिले के विधानसभा क्षेत्र नकोदर के गांव सरींह में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान बड़ी सभा को संबोधित किया। लोगों का हम पर विश्वास और प्यार ही हमारी असली ताकत है। विरोधियों की पिछली सरकारों ने केवल लोगों को लूटा, लेकिन हमारी सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना और लोगों को भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन देना है। हम शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं, ताकि आम परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें और बड़े अधिकारी बन सकें। पंजाबवासियों से किए वादे के अनुसार हम ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।”

भारी जनसमूह वाली ‘लोक मिलनी’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की माताओं-बेटियों के कल्याण, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तीकरण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “हमारी नीयत बिल्कुल साफ़ है और हमारी नीतियां कल्याण तथा विकासोन्मुखी पहलों के माध्यम से लोगों का पैसा लोगों को लौटाने की दिशा में केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि अपने निजी हितों की पूर्ति के लिए सार्वजनिक संसाधनों की लूट करने वाली पिछली सरकारों के विपरीत हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी सुविधाओं का लाभ आम घरों तक पहुंचे।”IMG 20261028 WA0587

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “हमारा मानना है कि लोगों का पैसा लोगों का ही है और इसे उनकी भलाई के लिए ही खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को राज्य की माताओं-बहनों के मोबाइल फोन पर फिर से सम्मान राशि के संदेश प्राप्त होंगे, क्योंकि उनका सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता हमारी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी पर कोई एहसान नहीं कर रहे, बल्कि पंजाब के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।”

भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ये पार्टियां आम परिवारों को राहत देने वाली इन पहलों की सराहना करने के बजाय कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन्हें मिल रहे इन लाभों से वंचित करने के प्रयासों को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा मुझे कुर्सी से हटाने के एकमात्र उद्देश्य से फ्रेंडली मैच खेल रही हैं।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “इन दोनों पार्टियों द्वारा एक-दूसरे की आलोचना न करना उनकी अंदरूनी राजनीतिक मिलीभगत को उजागर करता है और आम लोगों के सशक्तीकरण के प्रति उनकी बेचैनी को दर्शाता है, क्योंकि उनकी समस्या केवल भगवंत सिंह मान नहीं हैं।”उन्होंने जोर देकर कहा, “इन पार्टियों की असली परेशानी आम आदमी का उभार है, क्योंकि वे इस बात को पचा नहीं पा रहे कि एक साधारण परिवार का व्यक्ति मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर समाज के हर वर्ग के लिए दिन-रात काम कर रहा है। वे मुझे इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि हमारी सरकार ने उस पुराने सिस्टम को चुनौती दी है, जहां राजनीतिक ताकत केवल कुछ प्रभावशाली परिवारों के हाथों में सिमटी हुई थी।”IMG 20261028 WA0583

लोक मिलनी में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों का प्यार और विश्वास पंजाब की सेवा और अधिक समर्पण के साथ करने के मेरे इरादे को और मजबूत करता है। मैं विशेष रूप से उन माताओं-बहनों का स्वागत करता हूं, जो अपने रोजमर्रा के घरेलू कामकाज छोड़कर इस सभा में पहुंची हैं। मुझसे मिलने के लिए उठाया गया उनका हर कदम मुझे हौसला देता है और आपके लिए और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है। मैं लोगों का हूं और हमेशा उनकी भलाई के लिए प्रतिबद्ध रहूंगा।”

2027 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “लोगों का यह भारी उत्साह हमारी सरकार के कामों के प्रति उनके विश्वास और पंजाब के भविष्य के लिए उनकी उम्मीदों को दर्शाता है और लोग अपना फैसला अपनी वोट की ताकत से सुनाएंगे।”
रोजगार के क्षेत्र में सरकार के रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया, “साढ़े चार साल से अधिक समय में हमने युवाओं को बिना किसी भेदभाव और पूरी तरह मेरिट के आधार पर 70,862 सरकारी नौकरियां दी हैं। हमने सिफारिश और भ्रष्टाचार की संस्कृति को पारदर्शिता और समान अवसरों में बदलने का प्रयास किया है, जिसके चलते आम परिवारों के योग्य उम्मीदवार आज सरकारी नौकरियां हासिल कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर दिया, “युवा झूठे वादों के नहीं, बल्कि अवसरों के हकदार हैं। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि हर भर्ती पैसे, प्रभाव या राजनीतिक पहुंच के बजाय केवल योग्यता के आधार पर हो।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हर योग्य युवा में यह विश्वास होना चाहिए कि ताकतवर लोगों से नजदीकी नहीं, बल्कि उनकी कड़ी मेहनत ही उनके भविष्य का फैसला करेगी। हमारे शिक्षा सुधार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के सपनों और भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। जब मैंने 2022 में पद की शपथ ली थी, तब शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब 27वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कराए गए हालिया मूल्यांकन के अनुसार राज्य ने प्राथमिक शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है, जो हमारी सरकार द्वारा किए गए बड़े शिक्षा सुधारों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षकों के पढ़ाने के कौशल को निखारने और बेहतर शैक्षिक पद्धतियों को अपनाने के लिए उन्हें फिनलैंड, सिंगापुर और आईआईएम जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में भेजा जा रहा है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक माहौल और अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सुव्यवस्थित अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल लाल कार्ड या नीला कार्ड किसी परिवार को गरीबी से बाहर नहीं निकाल सकता, बल्कि शिक्षा ही वह साधन है, जो पीढ़ियों की तकदीर बदल सकती है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “जब बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करते हैं, तो उनमें अपने पैरों पर खड़े होने और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने की क्षमता आती है और नीट के परिणाम इस बदलाव की गवाही देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के कुल 882 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा पास की है, जबकि 2021 में यह संख्या केवल 80 थी। उन्होंने कहा कि इस संख्या में लगभग 11 गुना वृद्धि सरकारी शिक्षा प्रणाली की मजबूती को दर्शाती है।” उन्होंने जोर देकर कहा, “आज रिक्शा चालकों, छोटे दुकानदारों और रेहड़ी वालों के बच्चे नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं पास कर रहे हैं। इससे पहले गरीब विद्यार्थियों के लिए डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना परिवार की आर्थिक स्थिति तय करती थी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “अब साधारण पृष्ठभूमि वाले बच्चे यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा केवल अमीरों की जागीर नहीं है। यही वह वास्तविक बदलाव है जो हम पंजाब में लाना चाहते थे। पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे बढ़ते घरेलू खर्चों से जूझ रहे परिवारों को बड़ी राहत मिली है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सरकारी खज़ाना राजनीतिक प्रभावशाली लोगों के हित पूरे करने के बजाय सीधे आम नागरिकों की भलाई के लिए खर्च हो।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “जब किसी परिवार को शून्य बिजली बिल मिलता है, तो बिजली पर खर्च होने वाला वह पैसा बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों या अन्य ज़रूरी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एक साधारण परिवार के लिए यह राहत बहुत बड़ा बदलाव लाती है। हमारी सरकार का मानना है कि विकास का आकलन इस बात से किया जाना चाहिए कि इससे लोगों के रोज़मर्रा के जीवन में कितना सुधार आया है।”

मुख्यमंत्री ने उन पात्र परिवारों से भी अपने स्वास्थ्य कार्ड बनवाने की अपील की, जो अभी तक ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया, “अब तक लगभग 54 लाख परिवारों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा चुके हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ज़ोर देकर कहा, “सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी कभी भी किसी परिवार के इलाज में बाधा न बने। किसी भी माता-पिता को अपने बच्चे के इलाज के खर्च की चिंता न करनी पड़े। हमारा लक्ष्य है कि स्वास्थ्य सुविधाएँ और सम्मान हर घर तक पहुँचें।”

पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए कृषि के महत्व पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार नहरों और पाइपलाइनों के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए सिंचाई ढाँचे को लगातार मजबूत कर रही है। लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गई हैं और सिंचाई नेटवर्क के माध्यम से खेतों तक 18,000 क्यूसेक पानी पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नहरी सिंचाई तक अधिकतम पहुँच से भूजल पर निर्भरता कम होगी और किसानों को निर्बाध पानी की आपूर्ति मिल सकेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के किसानों ने अपने खून-पसीने और कड़ी मेहनत से देश का पेट भरा है। वे ऐसी सरकार के हकदार हैं जो उनके साथ मजबूती से खड़ी हो। हमारी सरकार खेतों तक पानी पहुँचाने और राज्य के सिंचाई ढाँचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि किसानों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके।”

मुख्यमंत्री ने पंजाब के जल हितों की रक्षा करने में विफल रहने पर पिछली सरकारों को भी आड़े हाथों लिया और कहा, “राज्य के जायज़ संसाधनों की रक्षा करना हमेशा से हमारी मुख्य प्राथमिकता रही है।”

अकाली नेतृत्व पर तीखा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जो कभी पंजाब पर 25 साल शासन करने का दावा करते थे, आज उन्हें लोगों का समर्थन जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।” मुख्यमंत्री ने अकाली दल के बदलते राजनीतिक रुख की आलोचना की और भाजपा को किसान-विरोधी करार देने के बाद अब उसी के साथ फिर गठबंधन करने के प्रयासों पर सवाल उठाए। उन्होंने पिछले राजनीतिक नेताओं द्वारा सार्वजनिक संसाधनों और आर्थिक अवसरों को शक्तिशाली लोगों के हाथों में सौंपने की भी कड़ी निंदा की।

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के लोग जवाबदेह शासन, पारदर्शी प्रशासन और आम नागरिकों के लिए अवसर चाहते हैं, न कि पुरानी राजनीतिक व्यवस्था की ओर वापसी। पंजाब के लोगों ने ऐसी कई सरकारें देखी हैं, जिन्होंने केवल अपने हितों के लिए काम किया, जबकि आज लोग ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनकी समस्याओं को समझे, क्योंकि यह सरकार आम लोगों में से चुनकर आई है।”कांग्रेस की आंतरिक कलह की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विरोधी पार्टियां पंजाब के लिए एक भरोसेमंद एजेंडा पेश करने के बजाय राजनीतिक जोड़-तोड़ और नेतृत्व की खींचतान में ज्यादा उलझी हुई हैं।”

मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “मेरी आम पारिवारिक पृष्ठभूमि ने मुझे साधारण परिवारों, खासकर गांवों में रहने वाले और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करने वाले लोगों की चुनौतियों को समझने के योग्य बनाया है। मैंने एक आम जीवन बिताया है, खेतों में काम किया है और ग्रामीण पंजाब की वास्तविकताओं को दिल से महसूस किया है। मैं जानता हूं कि एक परिवार के लिए अपने बच्चों को पढ़ाने और रोजमर्रा के खर्चे पूरे करने के लिए संघर्ष करने का क्या मतलब होता है। शायद यही बात उन लोगों को तकलीफ देती है जो यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि एक आम इंसान मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहुंच गया है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों का प्यार, माताओं-बहनों का आशीर्वाद और आम घरों में लौटती खुशियां और रौनकें ही मेरी शक्ति का सबसे बड़ा स्रोत हैं। मेरी सरकार और विरोधी पक्ष के बीच लोक कल्याण के प्रति फर्क हमारे नजरिए से अलग-अलग तरीकों से झलकता है। एक ओर पंजाब के लोगों का प्यार है, जो मुझे आशीर्वाद देते हैं और मुझ पर भरोसा करते हैं। दूसरी ओर वे लोग हैं जिन्होंने बार-बार राजनीतिक ताकत और निजी हितों को प्राथमिकता दी है।” मुख्यमंत्री ने दावा किया, “मैं उन लोगों के साथ खड़ा रहूंगा जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है और मैं उनके भरोसे पर खरा उतरने के लिए हर दिन काम करूंगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया, “हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सस्ती बिजली और सिंचाई पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। पंजाब के भविष्य को यहां के लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार गढ़ा जाना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि लोग राजनीतिक बयानबाजी या आम नागरिकों के लिए काम करने वाली सरकार को गिराने की कोशिशों के बजाय, राजनीतिक पार्टियों के काम और पंजाब के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के आधार पर ही उनका फैसला करेंगे।”

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