

जालंधर: पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा स. हरविंदर सिंह विर्क, पी.पी.एस., वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जालंधर ग्रामीण के नेतृत्व में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नशों की रोकथाम और उन्मूलन के प्रयासों को और मजबूत करना, नशीले पदार्थों की आपूर्ति एवं बिक्री पर रोक लगाना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना था।
इस बैठक में विनीत आहलावत, आई.पी.एस., पुलिस अधीक्षक (जांच), गुरप्रीत सिंह गिल, पी.पी.एस., पुलिस अधीक्षक (पी.बी.आई./ऑपरेशनल), संबंधित राजपत्रित पुलिस अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर तथा विभिन्न गांवों की विलेज ड्रग कमेटियों (VDCs) के सदस्य शामिल हुए।
बैठक के दौरान नशीले पदार्थों की आपूर्ति एवं बिक्री को रोकने, नशा तस्करी में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने तथा नशों से संबंधित गतिविधियों पर निगरानी को और मजबूत करने के संबंध में विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही नशों की समस्या से निपटने के लिए पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग और विलेज ड्रग कमेटियों के बीच आपसी समन्वय को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि इस समस्या का व्यापक और प्रभावी ढंग से समाधान किया जा सके।
बैठक के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि नशों के विरुद्ध लड़ाई केवल सख्त कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसके लिए निरंतर जन जागरूकता, समय पर चिकित्सा उपचार और नशा पीड़ित व्यक्तियों का उचित पुनर्वास भी अत्यंत आवश्यक है। नशा पीड़ित व्यक्तियों को उचित उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने और उन्हें दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
विलेज ड्रग कमेटियों के सदस्यों से अपील की गई कि वे अपने-अपने गांवों में नशों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, नशा तस्करी को रोकने के लिए पुलिस का सक्रिय सहयोग करें तथा लोगों को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इसके साथ ही युवाओं को नशों से दूर रहने तथा खेलों, शिक्षा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु भी प्रोत्साहित किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जालंधर ग्रामीण ने दोहराया कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत नशा तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई, लोगों को जागरूक करने के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रयास, स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय तथा नशा पीड़ित व्यक्तियों के उपचार एवं पुनर्वास में सहयोग देने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जालंधर ग्रामीण ने कहा कि नशों के उन्मूलन तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए लोगों की सक्रिय भागीदारी, विशेषकर गांव स्तर पर जनता का सहयोग, अत्यंत महत्वपूर्ण है।