सर्फेस वाटर प्रोजेक्ट में देरी के लिए एल एंड टी को 7.5 करोड़ रुपये जुर्माना

by Sandeep Verma
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जालंधर : सर्फेस वाटर प्रोजेक्ट के मुकम्मल होने में हो रही देरी, जिसके कारण शहर भर में सड़कें खोदी हुई होने के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, का गंभीर नोटिस लेते हुए कार्यकारी एजेंसी एम/एस लार्सन एंड टर्बो लिमिटेड को 7.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल की ओर से इस प्रोजेक्ट में बिना मतलब देरी करने के लिए संबंधित विभाग को कार्यकारी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे, जिस के बाद यह जुर्माना लगाया गया है।जिले में चल रहे विकास प्रोजेक्टों का जायजा लेने के लिए उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि सर्फेस वाटर प्रोजेक्ट में देरी होने से रोजमर्रा की जिंदगी और निर्विघ्न आवाजाही प्रभावित हुई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस में अब किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ताड़ना की कि यदि निर्धारित समय सीमा की पालन न की गई तो कार्यकारी एजेंसी के खिलाफ और सख्त कार्रवाई आरंभी होगी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के इसी साल पूरा होने की उम्मीद है और उन्होंने जालंधर स्मार्ट सिटी मिशन के अधिकारियों को हिदायत की कि निर्धारित समय सीमा और काम के मियार दोनों की बारीकी से निगरानी की जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फरवरी के अखिर तक बिटूमन प्लांट चालू होते ही काम पूरी तेजी से शुरू होना चाहिए।
मीटिंग दौरान डिप्टी कमिश्नर की ओर से 70 करोड़ रुपये की लागत से पूरा होने वाले बलर्टन पार्क स्पोर्ट्स हब प्रोजेक्ट की प्रगति का भी जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट 15 अगस्त 2026 तक पूरा होने का टारगेट है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हिदायत की कि इस प्रोजेक्ट को निर्धारित समय के अंदर करने को यकीनी बनाया जाए।लंबा पिंड-जंडू सिंघा रोड को चौ- मार्गीय करने के प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समय पर मुकम्मल करने की हिदायत की। उन्होंने आदमपुर एयरपोर्ट अप्रोच रोड के चौ-मार्गीकरण का भी जायजा लिया गया और बताया कि इस प्रोजेक्ट का लगभग 96 प्रतिशत काम मुकम्मल हो चुका है। उन्होंने कार्यकारी एजेंसी को हिदायत की कि बाकी रहते काम को जल्द से जल्द मुकम्मल किया जाए ताकि सड़क को आम लोगों की सुविधा के लिए बिना किसी और देरी के खोला जा सके।
इसके अलावा डा. अग्रवाल की ओर से कई और अहम बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्टों, जिनमें सिविल हस्पताल, जालंधर में 100 बेडों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण, गांधी वनिता आश्रम में लड़कियों के हॉस्टल का निर्माण, तहसील और एस.डी.एम. कॉम्प्लेक्सों का निर्माण और नवीनीकरण, सुभाना रेलवे अंडरपास, लिंक सड़कों की अपग्रेडेशन और जालंधर-हुशियारपुर नेशनल हाईवे, शामिल है, का भी जायजा लिया गया।इन प्रोजेक्टों को जिले के विकास में महत्वपूर्ण बताते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इन प्रोजेक्टों के मुकम्मल होने से जालंधर विकास की ऊँचाइयों पर आ जाएगा और शहरी बुनियादी ढांचा, खास कर सड़की नेटवर्क को काफी मजबूती मिलेगी। ज़िक्रयोग्य है कि इनमें से ज़्यादातर प्रोजेक्ट इस साल 2026 में मुकम्मल हो जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को विकास कार्यों की प्रगति की व्यक्तिगत तौर पर निगरानी करने की हिदायत की और कहा कि इस में किसी भी प्रकार की लापरवाही से सख्ती से निपटा जाएगा।

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