


जालंधर : रेनबो रोड और जीटीबी नगर में निर्माणाधीन व्यावसायिक भवन के मालिक और एक स्थानीय गुरुद्वारे की प्रबंधन कमेटी द्वारा कई विरासत वृक्षों को कथित अवैध काटने के मामले में आज पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां पर कत्लेआम बंद करो के नारे लिखे हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारे के सामने सड़क विभाजक पर स्थित पेड़ों को काटने को लेकर हुए नुकसान की निंदा की। उनका कहना है कि सजावटी प्रकाश व्यवस्था करने के लिए कथित तौर पर 20 से अधिक प्राचीन वृक्षों को काट दिया गया।इनमें से अधिकांश वृक्ष छोटे ठूंठों में तब्दील हो गए हैं, जिससे अपरिवर्तनीय पारिस्थितिक क्षति हुई है।मामले की जानकारी देते हुए लक्ष्य ने कहा कि पेड़ काटने के खिलाफ वह प्रदर्शन कर रहे है। उनका कहना है कि पेड़ की अहमियत को ध्यान में रखते हुए आज उनकी टीम के द्वारा शांतिमय ढंग से प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी से संबंधित एक घटना में मॉडल टाउन के पुराने वृक्षारोपण में लगे दो विशाल सागौन के पेड़ों को भूखंड मालिकों के सीधे निर्देश पर कथित तौर पर काट दिया गया।बता दें कि सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता तेजस्वी मिन्हास ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतों के बाद संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जालंधर नगर निगम ने दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कार्यकर्ताओं ने कथित उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है और शहर के शेष हरित आवरण को और अधिक विनाश से बचाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है।कार्यकर्ताओं ने बताया कि सभी मुख्य शाखाओं को हटा दिया गया, केवल तने ही खड़े रहने दिए गए, जिससे पेड़ों की संरचनात्मक और पारिस्थितिक अखंडता नष्ट हो गई। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि ये कार्रवाइयां भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303 और 324 का उल्लंघन करती हैं और पंजाब वृक्ष संरक्षण नीति, 2024 के साथ-साथ पंजाब वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 2025 का प्रत्यक्ष उल्लंघन हैं। विरोध प्रदर्शन में उपस्थित प्रमुख नागरिकों और कार्यकर्ताओं में डॉ. नवनीत भुल्लर, डॉ. अर्चना बेरी, मीनल वर्मा, जगदीश चंदर, वाबेक सरोया, शाहरुख, लक्ष्य बहल सहित अन्य शामिल रहे।

