
जालंधर : ज्योतिष आशु मल्होत्रा ने हमारे चैनल पर मां भगवती के चौथे सरुप मां कूष्मांडा के बारे मे जानकारी देते हुए कहा कि चौथा रूप मां भगवती कुष्मांडा है जब ब्रह्माण्ड में अंधकार था तब मां ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड में रोशनी की थी मां सूर्य के भीतर जो लोक है वहां विराजमान होती है और अंधकार को दूर करती है मां अष्टभुजा धारी है मां शेर पर सवार है और मां ने भक्तों की रक्षा के लिए अस्तर शस्त्र धारण कर रखे है मां के इस रूप को पूजा करने से जीवन मैं कभी अंधकार नहीं होता और निराशा नहीं रहती