
जालंधर : 15 मार्च को ज्योतिष प्रागंण की और से चंडीगढ़ में भव्य ज्योतिष सम्मेलन करवाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी उपस्थित रहे पत्रकारों को जानकारी देते हुए राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि ज्योतिष (Astrology) का अर्थ है ‘प्रकाश का शास्त्र‘ या खगोलीय पिंडों (ग्रह-नक्षत्रों) का अध्ययन। यह एक प्राचीन विद्या है जो आकाशीय पिंडों की स्थिति और गति के आधार पर मानवीय जीवन, घटनाओं और भविष्य की गणना व व्याख्या करती है। इसके मुख्य पर्यायवाची ज्योतिष शास्त्र, फलित ज्योतिष, और ग्रह-गणित हैं। हमारे चैनल पर जानकारी देते हुए ज्योतिष (Astrology) आशु मल्होत्रा ने बताया कि प्रतिपाद्य प्रकाश (खगोलीय प्रकाश) है। इसे अक्सर विज्ञान और अंतर्दृष्टि का मिश्रण माना जाता है।यह जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ समय, यानी ‘मुहूर्त’ खोजने में सहायता करता है।आप को बता दें कि उन्होंने मुझे ज्योतिषी ज्ञान और गुप्त विज्ञान में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया इस मौक पर ज्योतिष प्रागंण की अध्यक्ष श्रीमती पूनम शर्मा जी और हस्त रेखा के विद्वान कैप्टन लेखराज शर्मा जी भी उपस्थित रहें