
जालंधर : गांव सोहल जगीर में दादी से ज्यादा प्यार और सोने की ज़िद करने वाले चलते 6 साल के इकलौते बेटे अर्शप्रीत सिंह की हत्या उसी की माँ ने चाकू से कर दी। हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी मां कुलविंदर कौर को उम्रकैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला 8 जून 2020 का है। आरोपी महिला ने अपने बेटे की हत्या उस समय कर दी थी, जब बच्चा दादा-दादी के साथ सोने की जिद कर रहा था। घटना के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।अवतार सिंह ने अपने बयान में बताया कि उनका पोता अर्शप्रीत सिंह अपनी दादी चरणजीत कौर के बेहद करीब था और वह दादी से बहुत प्यार करता था। इस कारण कुलविंदर कौर और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी। 8 जून 2020 को वह दादी के साथ सोने की जिद कर रहा था कि यह विवाद इतना बढ़ गया कि एक रात कुलविंदर ने अपने बेटे की हत्या कर दी।घटना वाली रात करीब 9:30 बजे अवतार सिंह और उनकी पत्नी घर की लाबी में बैठे थे, जबकि कुलविंदर कौर अपने बेटे अर्शप्रीत के साथ कमरे में थी। अचानक बच्चे की चीखने की आवाज सुनाई दी। जब दोनों कमरे में पहुंचे तो देखा कि अर्शप्रीत खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा था और कुलविंदर कौर के हाथ में सब्जी काटने वाला चाकू था। आरोप है कि कुलविंदर कौर ने अपने बेटे के पेट में दो बार चाकू मारा और फिर मौके से फरार हो गई।गंभीर रूप से घायल अर्शप्रीत को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया। गवाहों के बयान, सबूतों और जांच के आधार पर अदालत ने कुलविंदर कौर को दोषी पाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है, जिसमें एक मां ने अपने मासूम बेटे की जान ले ली। ऐसे अपराध में सख्त सजा देना आवश्यक है, ताकि समाज में एक स्पष्ट संदेश जाए।