

जालंधर : मदरसा दार-ए-अबी अय्यूब में 80 वां यौम-ए-आजादी का जश्न मौलाना अमानुल्लाह मजाहिरी की अध्यक्षता में जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ध्वजारोहण की रस्म मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान और संगठन के जनरल सेक्रेटरी मजहर आलम मजाहिरी ने संयुक्त रूप से अदा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने भाग लिया।इस अवसर पर मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान ने कहा कि हम अपने प्यारे वतन भारत के स्वतंत्रता दिवस की खुशी मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। यह दिन देश के इतिहास का बेहद महत्वपूर्ण और यादगार दिन है। वर्ष 1947 में हमारा देश लंबी जद्दोजहद और अनगिनत कुर्बानियों के बाद आजाद हुआ। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमें उनके बलिदानों को हमेशा याद रखना चाहिए।
एडवोकेट नईम खान ने कहा कि भारत विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों का खूबसूरत गुलदस्ता है। हमें हमेशा एकता, भाईचारे, प्रेम और शांति का संदेश फैलाना चाहिए। यही एक मजबूत, शांतिपूर्ण और विकसित भारत की पहचान है।संगठन के जनरल सेक्रेटरी मजहर आलम मजाहिरी ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में मुसलमानों ने भी अपना खून-पसीना बहाया और बड़ी कुर्बानियां दीं। उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि आज कई महान मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भुलाया जा रहा है। उन्होंने इतिहास में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यक्रम में जमीयत उलेमा-ए-हिंद दिल्ली के ऑर्गनाइजर मुफ्ती अब्दुल कादिर कासमी, मदनी मदरसा संगरूर के नाजिम मुफ्ती वसीम अकरम, गुज्जर वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन मोहम्मद लियाकत, मुस्लिम डेवलपमेंट बोर्ड कपूरथला के चेयरमैन याकूब अली, सरफराज खान, सैयद यासीन जालंधर कैंट, कारी फैसल अहमद कासमी इमाम सिधवां दोना, डॉ. रेहान, हाफिज शहबाज सैफाबाद, मौलाना आसिफ इमाम फुल्लियां वाल, अली, रमजान गुज्जर, कमालुद्दीन, अब्दुल हमीद मस्जिद इमाम सुल्तानपुर लोधी, हाफिज दिलशाद, कारी आसिफ, हाफिज शौकत सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।