

जालंधर : अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड पंजाब के चेयरमैन अश्वनी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पंजाब में डबल इंजन सरकार बनाने की अपील पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा को चुनावी नारे देने से पहले पंजाब के लोगों को यह बताना चाहिए कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने राज्य के लंबित मुद्दों का समाधान क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि हर बार पंजाब आकर डबल इंजन सरकार की बात करना आसान है, लेकिन पंजाब के हकों, वित्तीय बकाया, अधूरी परियोजनाओं और राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार की चुप्पी जनता देख रही है।
अग्रवाल ने कहा कि भाजपा पंजाब में विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि वास्तविकता यह है कि राज्य के अनेक महत्वपूर्ण मुद्दे आज भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नज़दीक आते ही भाजपा को पंजाब की याद आ जाती है और बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही पंजाब फिर केंद्र की प्राथमिकताओं से बाहर हो जाता है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का नारा अब पंजाब की जनता के लिए नया नहीं रहा। लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब केंद्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है, तब भी पंजाब से जुड़े अहम मामलों पर ठोस निर्णय क्यों नहीं लिए गए। केवल राजनीतिक भाषणों और नारों से विकास नहीं होता, उसके लिए नीयत, जवाबदेही और ठोस कार्रवाई भी आवश्यक है।
अग्रवाल ने कहा कि पंजाब की जनता अब केवल नारों और प्रचार की राजनीति से आगे बढ़ चुकी है। वह अपने अधिकारों, किसानों, युवाओं, व्यापारियों और उद्योगों के हितों की रक्षा करने वाली सरकार चाहती है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी पंजाब की जनता भाजपा के डबल इंजन सरकार के दावे को सिरे से खारिज करेगी और काम, जवाबदेही तथा जनहित की राजनीति पर ही अपना विश्वास जताएगी।