

जालंधर : राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं अथॉरिटी और पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथॉरिटी के निर्देशों के तहत तथा जिला एवं सेशन जज-कम-चेयरपर्सन, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी जालंधर श्रीमती प्रिया सूद की अगुवाई में आज पूरे न्यायिक जिले में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 (चेक बाउंस केस) के मामलों के निपटारे के लिए एक विशेष लोक अदालत सफलतापूर्वक लगाई गई।
जिला एवं सेशन जज-कम-चेयरपर्सन, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी ने बताया कि झगड़ों के उचित और प्रभावी निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए जिले भर में कुल 8 विशेष बेंचों का गठन किया गया था। इनमें से 6 बेंच न्यायिक मुख्यालय, जालंधर में स्थापित की गई, जिनकी अध्यक्षता श्री नरेश कुमार (अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज), श्री वरुणदीप चोपड़ा कुमारी शिंपा रानी, कुमारी समीक्षा जैन, श्री योगेश गिल और श्री पवनप्रीत सिंह (सभी जे.एम.आई.सी
) द्वारा की गई। इन बेंचों में प्रमुख कानूनी विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और सेवानिवृत्त अधिकारी सदस्य के तौर पर शामिल थे।
इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर आसान न्याय प्रदान करने के लिए नकोदर और फिल्लौर सब-डिवीजन में 01-01 बेंच (कुल 02 सब-डिवीजनल बेंच) स्थापित की गईं।
जिला एवं सेशन जज ने आगे बताया कि इस मुहिम को मुकदमेबाजों से भरपूर समर्थन मिला, जिसके परिणामस्वरूप लंबित मामलों की संख्या में काफी कमी आई है। आज की विशेष लोक अदालत के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:- आपसी सहमति से निपटारे के लिए बेंचों के सामने कुल 777 लंबित केस पेश किए गए। इनमें से कुल 201 केसों का मौके पर ही आपसी सहमति से निपटारा किया गया।आपसी समझौते के माध्यम से कुल ₹4,72,59,287 (चार करोड़ बहत्तर लाख उनसठ हजार दो सौ सतासी रुपये) के दावों का निपटारा किया गया, जिससे कई पीड़ित पक्षों को बड़ी राहत मिली।
मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट -कम-सचिव, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण जालंधर श्री राहुल कुमार आजाद ने आम जनता से अपील की कि वह आने वाले समय में होने वाली लोक अदालतों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।अगली राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर, 2026 को पूरे जिले में लगाई जाएगी, जिसमें दीवानी (सिविल) और फौजदारी (क्रिमिनल) कंपाउंडेबल (समझौता योग्य) श्रेणियों के सभी मामले शामिल किए जाएंगे।
उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं प्राधिकरण और पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार, अगली विशेष लोक अदालत (NI Act – चेक बाउंस केस) 21 नवंबर, 2026 को लगाई जाएगी।उन्होंने कहा कि जो लोग अपने लंबित झगड़ों या प्री-लिटिगेशन (अदालत में आने से पहले के) मामलों को इन आने वाली लोक अदालतों में निपटारे के लिए लगवाना चाहते हैं, वह जल्द से जल्द संबंधित अदालतों या जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, जालंधर के दफ्तर से संपर्क कर सकते है।