

जालंधर : राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण और पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत तथा जिला एवं सेशन न्यायाधीश-कम-अध्यक्ष जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, जालंधर प्रिया सूद के नेतृत्व में आज ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स, जालंधर, फिल्लौर और नकोदर में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई।
इस लोक अदालत में हर तरह के मामले, वैवाहिक मामले, एम.ए.सी.टी. (MACT) मामले, समझौतायोग्य आपराधिक मामले, ट्रैफिक चालान तथा बैंकों, वित्तीय संस्थानों, बी.एस.एन.एल., पी.एस.पी.सी.एल. और माल विभाग आदि के प्री-लिटिगेटिव मामलों की सुनवाई रखी गई।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश- कम-अध्यक्ष डी.एल.एस.ए. ने जानकारी देते हुए बताया कि जालंधर, फिल्लौर और नकोदर में कुल 25 बेंचों का गठन किया गया था। लोक अदालत में कुल 1,00,181 मामले लिए गए और 98,451 मामलों का निपटारा आपसी समझौते के माध्यम से किया गया। लोक अदालत में 68,58,39,864 रुपये (अड़सठ करोड़ अड़सठ लाख उनतालीस हजार आठ सौ चौंसठ रुपये) के अवार्ड पास किए गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश- कम-अध्यक्ष, डी.एल.एस.ए. प्रिया सूद तथा सी.जे.एम.- कम -सचिव, डी.एल.एस.ए. राहुल कुमार ने जालंधर में बनाई गई बेंचों का दौरा कर जायजा लिया।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने अतिरिक्त जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालतों के माध्यम से लोगों को जल्दी और सस्ता न्याय मिलता है। लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और इसके खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि यह फैसला दोनों पक्षों की आपसी सहमति और समझौते के आधार पर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें आपसी भाईचारा बढ़ाती हैं और इसके अलावा मामले में आवेदक द्वारा अदा की गई कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है।
सी.जे.एम.- कम- सचिव, डी.एल.एस.ए. राहुल कुमार ने बताया कि समय-समय पर लोक अदालतें लगाई जाती है ताकि मामलों का निपटारा आपसी समझौते के माध्यम से किया जा सके। अपने मामले लोक अदालत में लगाने के लिए या किसी भी कानूनी मामले के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकता है। उन्होंने आगे बताया कि अगली राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 12.12.2026 को तथा एन.आई. एक्ट (NI Act) के मामलों के लिए विशेष लोक अदालत दिनांक 21.11.2026 को लगाई जाएगी। लोक अदालत के दौरान जिला बार एसोसिएशन जालंधर के सदस्यों और विभिन्न एन.जी.ओ. का प्रतिनिधित्व करने वाले समाज सेवकों ने भी बेंचों में हिस्सा लिया।