

जालंधर : कांग्रेस नेता और पंजाब ब्राह्मण बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर रविश राज शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे और भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा को नशे के खिलाफ रैली करने से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन पंजाब की जनता को उन्हें पिछले 15 वर्षों का हिसाब देना होगा। बार्डर पार से लगातार ड्रोन के जरिए नशा और हथियार आ रहे हैं। जबकि 50 किलोमीटर तक का बॉर्डर बीएसएफ और केंद्र सरकार के कंट्रोल में है। उसके बावजूद नशा रूक नहीं रहा है।
अमित शाह जालंधर दौरे के दौरान पंजाब को बताएं कि केंद्र में भाजपा की सरकार रहने के दौरान नशे की तस्करी रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए। सीमा सुरक्षा, ड्रोन और बॉर्डर पर बढ़ाए गए अधिकार क्षेत्र के बावजूद पंजाब में नशे की समस्या लगातार गंभीर बनी हुई है, ऐसे में अब जवाबदेही से बचने के बजाय केंद्र सरकार को अपने काम का पूरा ब्यौरा देना चाहिए।
रविश राज ने कहा कि भाजपा के नेता पंजाब में आकर नशे के मुद्दे पर राजनीति तो खूब करते हैं, लेकिन सवाल यह है कि देश के दूसरे हिस्सों में नशे की बड़ी खेपों और तस्करी के नेटवर्क पर केंद्र सरकार ने क्या कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा वास्तव में पंजाब को नशामुक्त बनाने को लेकर गंभीर है तो अमित शाह को रैली से पहले यह बताना चाहिए कि पिछले 15 वर्षों में केंद्र सरकार ने नशे के कारोबार की सप्लाई चेन तोड़ने, बड़े तस्करों पर कार्रवाई करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी रोकने के लिए क्या परिणाम हासिल किए।