


जालंधर : पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने गंभीर और सवंदेनशील मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मुद्दे पर है। स्पष्टीकरण और दिशा निर्देश जारी करते हुए कार्रवाई की मांग की साथ ही उन्होंने विधासनभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को भी पत्र लिखा है।उन्होंने इन पत्रों में आम आदमी पार्टी पर अपने ऑफिशियल पेज से सोशल मीडिया चैनल्स पर गलत तरीके से कॉपीराइट्स स्ट्राइक करवा कर उन्हें सस्पेंड या डिलीज करने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार के इस तानाशाही फैसले की जांच करवाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।परगट सिंह ने कहा कि कॉपीराइट्स स्ट्राइक के लिए पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की तरफ से अपने अधिकृत सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जरिए पंजाब विधासनभा की फोटो और वीडियो, साथ ही मुख्यमंत्री के सरकारी कामों से संबंधिक फोटो का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी का इस्तमाले कर कुछ स्वतंत्र मीडिया प्लेटफार्मों और पत्रकारों के सोशल मीडिया एकाउंट्स सस्पेंड या बंद हुए हैं, जोकि सरकार की नीतियों या सरकारी साधनों के दुरुपयोग पर जायज सवाल खड़े कर रहे हैं।उन्होंने इसे सरकार का स्वतंत्र मीडिया के खिलाफ अपनाया जा रहा तानाशाही रवैया करार दिया। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा है कि क्या विधासनभा की फोटो और वीडियो का किसी राजनीतिक पार्टी की तरफ से कॉपीराइट स्ट्राइक के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है?उन्होंने पत्र में कहा कि यह गंभीर सवाल है कि पंजाब विधासनभा की फोटो और वीडियो किसी भी राजनीतिक पार्टी की निजी संपत्ति नहीं हैं। कॉपीराइट एक्ट-1957 की धारा 17 (डी) अनुसार, जो भी काम सरकार के आदेश, निगरानी या खर्चे पर तैयार होता है, उसका पहला कॉपीराइट मालिक सरकार होती है। इसलिए पंजाब विधानसभा के अंदर खींची गई फोटो और बनाई गई वीडियो सरकारी संपत्ति हैं, किसी राजनीतिक पार्टी की संपत्ति नहीं है।परगट ने कहा कि इस प्रसंग में किसी राजनीतिक पार्टी की तरफ से इन सराकरी सरगर्मियों को अपने नाम पर कॉपीराइट बता कर आलोचकों की आवाज को दबाने कानून गलत है, बल्कि यह विधासनभा की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा सारे विधायकों और पंजाब करे लोगों की सांझी संस्था है। इसकी फोटो या कार्रवाइयों को किसी एक पार्टी के राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करना नियमों का खिलाफ है।परगट सिंह ने बीती रात सरहिंद के पास रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके की भी कड़े शब्दों में निंदा की है। यह घटना स्पष्ट रूप से आम आदमी पार्टी सरकार और पंजाब पुलिस की नाकामी को उजागर करती है। राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ चलाई जाने वाली मुहिम भी सिर्फ दिखाया मात्र है। यह ऑनगोइंग एक्शन होते हैं, इसे किसी इवेंट में क्रिएट नहीं करना चाहिए

