


जालंधर : भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति गरमाती जा रही है। कांग्रेस इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए खुलकर विरोध कर रही है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी 24 फरवरी को भोपाल में “किसान चौपाल” आयोजित करने जा रहे हैं। पार्टी का दावा है कि इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे और सरकार की नीतियों पर खुलकर चर्चा होगी। वहीं आज जालंधर में ट्रेड डील और एआई मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र के खिलाफ फिर से मोर्चा खोला है।जहां कांग्रेस विधायक परगट सिंह, कांग्रेस नेता राजिंदर बेरी, पार्षद शैरी चड्डा सहित अन्य कार्यकर्ता डिप्टी कमिशनर दफ्तर में डील को लेकर केंद्र के खिलाफ मांग पत्र देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इंडियन यूएस डील को लेकर वह डीसी दफ्तर मांग पत्र देने पहुंचे। परगट सिंह ने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरेंडर कर दिया है। यूएस डील में जो कुछ सामने आया है, इसमें हमारी किसानी बर्बाद हो जाएगी।उन्होंने किसान जत्थेबंदियों से अपील करते हुए कहा कि कैप्टन सरकार के दौरान कांग्रेस ने काफी सपोर्ट किया था। यूएस डील में 18 प्रतिशत तक टैरिफ रेट पर डील तय कर ली गई थी, हालांकि यूएस सुप्रीम कोर्ट ने इस डील को स्टक करके 10 प्रतिशत टैरिफ डील कर दिया है। परगट सिंह ने कहा कि केंद्र ने देश को डुबाने की कोई कसर नहीं छोड़ी थी। परगट सिंह ने कहा कि इमरजेंसी लॉ के अनुसार पूरी दुनियां पर 6 महीने से अधिका नहीं लगाया जा सकता है और उन्होंने रिकवरी करने के लिए 5 प्रतिशत टैरिफ में बढ़ौतरी की है।परगट सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने आप को डील के लिए सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहाकि हमें अमेरिका से पता चलता है कि कौन सी डील भारत के साथ हुई है। एआई समिट को लेकर परगट सिंह ने कहा कि चाइनीज रोबोट को यहां लाकर बताया जाता है कि वह भारत की यूनिवर्सिटी में तैयार किया गया है, उसमें नेगेटिव भूमिका कहां है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी चाइना के बारे में बात करते है तो कहा जाता है कि उन्हें बात नहीं करनी चाहिए। वहीं विजय सांपला को लेकर कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता है, जबकि हकीकत वही है जो कांग्रेस बता रही है।

