गुरु साहिबानों और संत-महापुरुषों द्वारा दिखाए गए धर्म के मार्ग पर चल रही है भगवंत मान सरकार: अरविंद केजरीवाल

Bhagwant Mann government is following the path of religion shown by Guru Sahibans and saints: Arvind Kejriwal

by Sandeep Verma
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भगवंत मान सरकार धार्मिक सद्भावना, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध: अरविंद केजरीवाल

पंजाबी सभी त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं; हमारे महान गुरुओं ने हमें शांति, सद्भावना और भाईचारे का मार्ग दिखाया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

जालंधर : जालंधर के साईं दास स्कूल के मैदान में आज शाम भगवान परशुराम जी जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम ‘एक शाम शिव के नाम’ में पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के साथ आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी सहभागिता की।इस कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग के लोगों ने भाग लिया, जो भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंगे नजर आए। प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी ने भगवान शिव और भगवान परशुराम जी को समर्पित भजन गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि कई पूजनीय संतों ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
सभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भगवान परशुराम जी जयंती के इस राज्य स्तरीय समारोह में लोगों के साथ उपस्थित होना मेरे लिए बहुत गर्व और संतोष की बात है। मैं धार्मिक उत्साह, भक्ति और आध्यात्मिक भावना से भरे इस कार्यक्रम में भाग लेकर स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। मैं इस शुभ अवसर पर पंजाब के लोगों, विशेषकर जालंधरवासियों को हृदय से बधाई देता हूं।”IMG 20260614 WA0029

समारोह स्थल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने इस महान समारोह के लिए बड़ी सोच-समझ के साथ जालंधर की पवित्र धरती का चयन किया है। जालंधर अपनी समृद्ध विरासत, संस्कृति और आध्यात्मिकता के लिए जाना जाता है। यहां इस पावन दिवस को मनाना हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों के प्रति हमारे गहरे सम्मान को दर्शाता है।”भगवान परशुराम जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भगवान परशुराम जी शस्त्र और शास्त्र के संपूर्ण समन्वय के प्रतीक हैं। वे कमजोरों की रक्षा और अत्याचार के अंत के लिए खड़े हुए। उनका जीवन और शिक्षाएं हमें अन्याय, असमानता और भेदभाव का विरोध करने की प्रेरणा देती हैं। भगवान परशुराम जी का संदेश किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए है।”IMG 20260614 WA0036के

सामाजिक सद्भावना के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा, “भगवंत मान सरकार पूरे राज्य में शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम महान गुरुओं, संतों, महापुरुषों और पीर-पैगंबरों द्वारा दिखाए गए धर्म के मार्ग पर चल रहे हैं। जिस प्रकार भगवान परशुराम जी ज्ञान के महारथी थे, उसी प्रकार हमारी सरकार पंजाब के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि वे उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।”उन्होंने कहा, “हमारी समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए इस कार्यक्रम का नाम ‘एक शाम शिव के नाम’ रखा गया है। पूरे पंजाब से लगभग 25 पूजनीय महामंडलेश्वर संत इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें ऐसी पवित्र आत्माओं का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।”IMG 20260614 WA0030

सरकार द्वारा हाल ही में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भगवंत मान सरकार ने वर्ष 2025 में पहली बार राज्य स्तर पर भगवान परशुराम जी जयंती मनाई थी। इसी प्रकार पहली बार अप्रैल, 2026 में पठानकोट में राज्य स्तर पर हिंदू नववर्ष (नव वर्ष) मनाया गया। अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम के लंबित विकास कार्यों को भी 25 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर पूरा किया गया है।”सभा के आध्यात्मिक उद्देश्य का वर्णन करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “यह शाम भगवान शिव और समाज में सकारात्मकता फैलाने के लिए समर्पित है। यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं को श्रद्धा और विश्वास के साथ एकत्रित देखकर बहुत प्रसन्नता हो रही है।”

पंजाब की उपजाऊ धरती पर कुछ भी उग सकता है, लेकिन नफरत के बीज यहां कभी नहीं उग सकते: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की उपजाऊ धरती पर कुछ भी फल-फूल सकता है, लेकिन इस पवित्र धरती पर नफरत के बीज कभी नहीं उग सकते। हमारे महान गुरुओं ने हमें सांप्रदायिक सद्भाव, शांति और भाईचारे के मूल्य सिखाए हैं। पंजाबी धर्म या समुदाय से ऊपर उठकर हर त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं।”
भगवान शिव की शिक्षाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भगवान शिव दया और करुणा के प्रतीक हैं। वे भक्तों को लोभ, मोह और क्रोध जैसी बुराइयों से बचाते हैं तथा अपने श्रद्धालुओं को बुद्धि, आशीर्वाद और कृपा प्रदान करते हैं। ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में समृद्धि और विकास लाने के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, सहानुभूति और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।”

सभी धर्मों का सम्मान करने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत संतोष की बात है कि पंजाब सरकार ने हर धर्म को समान सम्मान दिया है। एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के रूप में हमने धार्मिक और सांस्कृतिक अवसरों को भव्य ढंग से मनाने के लिए हर संभव प्रयास किया है। हमने ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की स्मृति में कार्यक्रमों की श्रृंखला सफलतापूर्वक आयोजित की।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी के आगामी 650वें प्रकाश पर्व को व्यापक स्तर पर मनाने के लिए पुख्ता प्रबंध कर रही है। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें जीवन में यह अवसर मिला है और इस अवसर को पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।”मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदिर साहिब, श्री दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, श्री आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी जी और अन्य पवित्र स्थलों की मुफ्त तीर्थ यात्रा कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ शुरू की है।”

योजना के दायरे को बढ़ाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह योजना अब हरिद्वार, श्री खाटू श्याम जी महाराज, सालासर बालाजी धाम और कई अन्य पूजनीय धार्मिक स्थलों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा की सुविधा भी प्रदान करेगी। यह योजना सभी जातियों, धर्मों और किसी भी आय वर्ग के लोगों के लिए खुली है। श्रद्धालुओं को इसका लाभ लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।”
सरकार के एक अन्य बड़े निर्णय पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी धर्मों के पवित्र धार्मिक ग्रंथों को उचित सम्मान देने के लिए पंजाब सरकार ने धार्मिक ग्रंथों के पावन स्वरूप को ले जाने वाले विशेष रूप से तैयार वाहनों को मोटर वाहन कर से छूट प्रदान की है।”

उन्होंने आगे कहा, “धार्मिक रस्मों और आयोजनों के लिए पूरे पंजाब में लगभग 25,000 ऐसे वाहन उपयोग किए जाते हैं। पहले प्रत्येक वाहन पंजाब मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1924 के तहत मोटर वाहन कर के रूप में प्रतिवर्ष लगभग 10,000 रुपये का भुगतान करता था। पंजाब सरकार ने अब इन वाहनों को कर से छूट दे दी है, जिससे लगभग 20 करोड़ से 25 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।”

लोगों को पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं पंजाब के लोगों से अपील करता हूं कि वे जाति, रंग, नस्ल और धर्म से ऊपर उठकर ऐसे पावन अवसरों को सामूहिक रूप से मनाएं। हमें विभाजनकारी और सांप्रदायिक एजेंडों को नकारना चाहिए तथा रंगला पंजाब के निर्माण के लिए मिलकर काम करना चाहिए। आइए, सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करने, कमजोर वर्गों की सहायता करने और समृद्ध तथा नशा-मुक्त पंजाब के लिए सामूहिक रूप से योगदान देने का संकल्प लें।”
इस अवसर पर ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और ‘आप’ पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और मोहिंदर भगत, सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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