

जालंधर : अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड पंजाब के चेयरमैन अश्वनी अग्रवाल ने पेपर लीक मामले को लेकर संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पेपर लीक पर जवाब देने के बजाय छात्रों पर लाठियां बरसाना केंद्र की भाजपा सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन मोदी सरकार युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें बल प्रयोग से दबाने का प्रयास कर रही है।
अग्रवाल ने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के सपनों और भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में युवाओं के हितों के प्रति गंभीर है तो सबसे पहले पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को कड़ी सजा दे, बजाय इसके कि अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास करे। भाजपा सरकार पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर मौन रहकर युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय कर रही है।
अश्वनी अग्रवाल ने मांग की कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक अथवा निष्पक्ष जांच कराई जाए, घायल छात्रों को उचित उपचार एवं मुआवजा दिया जाए, पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए संबंधित जिम्मेदार पदाधिकारियों को तत्काल जवाबदेह बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि देश का युवा अब डरने वाला नहीं है। युवाओं के भविष्य, रोजगार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी। केंद्र सरकार को दमन की राजनीति छोड़कर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और युवाओं के विश्वास की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।