

जालंधर : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला ने बुधवार को कांग्रेस पर नीट (NEET) मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रचनात्मक चर्चा संसद में होनी चाहिए थी, लेकिन कांग्रेस ने समाधान खोजने के बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सांपला ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा में अनियमितताओं के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सांपला ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विपक्षी दलों ने राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों को भड़काने का काम किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन कांग्रेस ने संसद के बजाय सड़क पर प्रदर्शन करना उचित समझा ताकि वह अपने शासनकाल और अपने सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्यों में हुए पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर उठने वाले सवालों से बच सके।
मोदी सरकार की शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सांपला ने कहा कि शिक्षा बजट में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा आईआईटी और एम्स जैसे संस्थानों का व्यापक विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि नीट मामले में केंद्र सरकार ने तत्काल एफआईआर दर्ज कराई, जांच सीबीआई को सौंपी, जहां आवश्यकता हुई वहां पुनः परीक्षा कराई तथा दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक अदालतों में कार्रवाई सुनिश्चित की।
आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए सांपला ने पंजाब में पंजाब लोक सेवा आयोग, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड तथा बाबा फरीद विश्वविद्यालय से जुड़े कथित परीक्षा घोटालों पर उसकी चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार दोहरा रवैया अपना रही है। एक ओर वह अन्य राज्यों में पुलिस कार्रवाई की आलोचना करती है, जबकि दूसरी ओर बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए हालिया लाठीचार्ज पर मौन साधे हुए है।
कांग्रेस से छात्रों के मुद्दों पर राजनीति बंद करने की अपील करते हुए सांपला ने कहा कि मोदी सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रत्येक दोषी को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाती रहेगी।