

जालंधर : स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेफ स्कूल वाहन नीति के अंतर्गत आज विभिन्न जगहों पर स्कूल बसों की जांच की गई, जिसमें 8 स्कूली बसों के चालान किए गए।जिला बाल सुरक्षा अधिकारी अजय भारती ने इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सेफ स्कूल वाहन नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।
उन्होंने बताया कि आज डिफेंस कॉलोनी के पास बस स्टैंड सहित विभिन्न स्थानों पर स्कूल बसों की जांच की गई। जांच के दौरान स्कूल बस में लेडी अटेंडेंट न होने, बिना वर्दी वाले ड्राइवर सहित सेफ स्कूल वाहन नीति की अन्य शर्तें पूरी न करने वाली 8 स्कूली बसों के चालान किए गए।चेकिंग टीम में संदीप कुमार, गौरव कुमार और इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह भी शामिल थे।
जिला बाल सुरक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों से अपील की कि हर स्कूल वाहन नीति के अनुसार होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सेफ स्कूल वाहन नीति की हिदायतों का पालन सुनिश्चित किया जाए और नीति की शर्तें पूरी न करने वाले वाहनों पर बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर स्कूलों के प्रिंसिपलों और स्कूल वाहनों के ड्राइवरों को सेफ स्कूल वाहन नीति की शर्तों जैसे सीसीटीवी कैमरा, खिड़की पर लोहे की ग्रिल, फर्स्ट एड बॉक्स, लेडी अटेंडेंट, बस ड्राइवर का स्कूल यूनिफॉर्म में होना, सीट बेल्ट लगाना, क्षमता से अधिक विद्यार्थी न बैठाना आदि के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।