

शाहकोट/सुल्तानपुर लोधी : शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने राष्ट्रीय राजधानी में तीन महीने की अवधि के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत तीन महीने की अवधि के लिए एहतियातन हिरासत में रखने के दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के फैसले की कड़ी निंदा की है।
अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आजशाहकोट और सुल्तानपुर लोधी दोनों हलकों में धुस्सी बांध का निरीक्षण करते हुए पत्रकारों से बात कहा,‘‘ मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि शांतिपूर्ण आंदोलन से निपटने का यह कोई तरीका नही है। विरोध करने वाले छात्र हमारे बच्चे हैं वे आतंकवादी नही हैं। मैं उपराज्यपाल से इस आदेश को तत्काल वापिस लेने की अपील करता हूं कि वह इस आदेश को तुरंत वापिस लें। एनएसए थोपना छात्रों के विरोध का समाधान नही है। सहानुभूति दिखाना ही एकमात्र उपाय है। आइए हम प्यार से उनका दिल जीतें और टकराव पैदा होने से बचें।’’
यह कहते हुए कि केंद्र को राष्ट्रीय परीक्षा संगठनों मंे व्यवस्थित सुधार करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होने कहा,‘‘ छात्र इस बात से दुखी हैं कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में धांधली की जाती है और मेधावी छात्रों की कीमत पर बेईमान लोगों का चयन किया जाता है। इस भावना को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाकर दबाने से हमारे छात्रों का भविष्य तबाह हो जाएगा।’’
अकाली दल अध्यक्ष ने दोनों हलकों में धुस्सी बांध का निरीक्षण किया। किसानों से बातचीत करते हुए उन्होने कहा कि वह बेहद हैरान हैं कि पिछले साल बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर तबाही के बावजूद आम आदमी पार्टी सरकार ने बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए कोई कदम नही उठाया है। उन्होने कहा,‘‘ तटबंधों में कमजोर जगहों पर कंक्रीट नही डाला गया है। हलके की सड़कों की हालत बेहद खराब है।’’ किसानों ने अकाली दल अध्यक्ष को बताया कि इस साल बाढ़ सुरक्षा कार्य नही किया गया है और न ही आम आदमी पार्टी ने पिछले साल आई बाढ़ में हुए नुकसान के लिए उन्हें कोई मुआवजा दिया है। उन्होने किसानों को आश्वासन दिया कि शिरोमणी अकाली दल बाढ़ सुरक्षा कार्यों में उनकी मदद करेगा और जहां भी जरूरत होगी , डीजल और तार के खंभे उपलब्ध कराए जाएंगें। वरिष्ठ नेता बरजिंदर सिंह, परमबंस सिंह रोमाणा ,बछितर सिंह कोहाड़ और हरजप सिंह संघा भी अकाली दल अध्यक्ष के साथ मौजूद थे।
पत्रकारों से बात करते हुए सरदार बादल ने बरनाला में महिला सफाई सेवकों के साथ बर्बरता करने के लिए गुरु दोखी मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी निंदा की। उन्होने कहा कि बरनाला में महिला सफाई सेवकों के साथ किए गए शर्मनाक और क्रूर व्यवहार ने साबित कर दिया कि भगवंत मान न केवल पुलिस राज चला रहे, बल्कि वे गुंडा राज की अध्यक्षता भी कर रहे हैं। उन्होने कहा कि इससे पहले सरकार ने किसानों, शिक्षकों और विभिन्न विभागों के ठेके पर रखे कर्मचारियों पर भी अत्याचार किया है।
उन्होने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नापाक साजिश को अंजाम देते हुए पंजाब में सरकारी नौकरियों के लिए बाहरी लोगों की भर्ती की जा रही है। उन्होने कहा कि राज्य में एक के बाद पेपर लीक और भर्ती घोटाले हो रहे, जिनमें से सबसे ताजा मामला फार्मेसी आॅफिसर घोटाला है। उन्होने कहा,‘‘ आबकारी निरीक्षकों और नायब तहसीलदारों की भर्ती में बड़े स्तर पर अनियमितताएं के बावजूद किसी को भी जवाबदेह नही ठहराया गया है। सरकार इतना ही नही क्यांकि मनीष सिसोदिया ने चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन में दावा किया है कि आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में पंजाब में एक भी पेपर लीक नही हुआ।’’
सरदार बादल ने यह भी दावा किया कि आम आदमी पार्टी अपने राजनीतिक मकसदों को पूरा करने के लिए कर्ज लेकर सभी सरकारी संस्थानों को खतरे में डाल रही है। उन्होने कहा,‘‘ इन्होने 13 हजार करोड़ रूपये का कर्ज लिया है और साथ ही पीएसपीसीएल को 10 हजार करोड़ रूपये का कर्ज लेने के लिए मजबूर किया गया। इन सबके परिणामस्वरूप बिजली के बिलों में बढ़ोतरी होगी और किसानों के लिए बिजली की आपूर्ति में कमी के रूप में सामने आएगी।’’