पंजाब में साढ़े चार साल में 6 लाख छात्रों ने सरकारी स्कूल से कटवाया नाम और 7 स्कूल हुए बंद : विधायक बावा हैनरी

In Punjab, 6 lakh students have withdrawn their names from government schools in four and a half years, and 7 schools have been closed: MLA Bava Henry

by Sandeep Verma
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जालंधर : पंजाब में सत्ता काबिज आम आदमी सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे दावों पर अब स्वयं शिक्षा विभाग के आंकड़ों ने सरकार को कटहरे में खड़ा कर दिया।हैनरी ने कहा पिछले साढ़े चार वर्षो में के दौरान 7 सरकारी स्कूल बंद हो गए,जबकि इसके मुकाबले सिर्फ 2 नए सरकारी स्कूल ही खोले गए।और जहां स्कूल बंद हुए वहां सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विधयर्थिओ की संख्या 6 लाख से अधिक घट गई ।विधायक हैनरी ने बताया की पंजाब विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा दिए गए लिखित उत्तर के अनुसार 16 मार्च 2022 से 28 जुलाई 2026 पुरे पंजाब में केवल एक प्रथामिक और एक मिडिल स्कुल,यानी कुल 2 सरकारी स्कूल ही खोले गए है।विधायक ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा की सरकारी स्कूलों में लगातार घटती हुई

संख्या पंजाब के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्तिथि है उन्हने बताया मार्च 2022 में पंजाब में सरकरी स्कूलों में कुल 29 लाख 62 हज़ार 378 विधयर्थी अध्ययनरत थे जबकि जुलाई 2026 तक यह संख्या घटकर 23 लाख 64 हज़ार 76 रह गई। प्राथमिक से लेकर माध्यम स्तर तक लगबग सभी श्रेणियों में विधार्थियो की संख्या में गिरावट आई है।

विधायक ने कहा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा था की पंजाब में शिक्षा क्रांति के ऐतिहासिक परिणाम मिल रहे है और बेहतर गुणवत्ता के कारण विद्यार्थी निज़ी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूल में आ रहे है लेकिन विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों ने आम आदमी सरकार की हकीकत बयान कर दी। विधायक ने कहा आप सरकार ने पंजाब में दिल्ली तर्ज पर शिक्षा क्रांति का वायदा किया था की शिक्षा में सरकारी स्कूलों को इतना बेहतर बनाया जाएगा की माता-पिता अपने बच्चो को सरकारी स्कूलों में भरोसे के साथ पढ़ा सकेंगे लेकिन इस जमीनी हकीकत ने पंजाब के जनता से विश्वासघात किया है।

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