


जालंधर : विद्या भारती उत्तर क्षेत्र की क्षेत्रीय शैक्षिक परिषद की दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य वर्तमान शैक्षिक एवं सामाजिक चुनौतियों का समाधान करते हुए वसुधैव कुटुम्बकम के भाव से प्रेरित होकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, मूल्यनिष्ठ एवं समग्र शिक्षा के माध्यम से विश्वकल्याण के लिए कार्य करना है।
कार्यशाला में मुख्य रूप से राम अरावकर (सह संगठन मंत्री, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान), देशराज शर्मा (राष्ट्रीय महामंत्री), बाल किशन (सह संगठन मंत्री, उत्तर क्षेत्र), दिलाराम चौहान (महामंत्री, उत्तर क्षेत्र), राजेंद्र कुमार (पंजाब प्रांत संगठन मंत्री), संदीप धुडिया (महामंत्री), ज्ञानचंद (हिमाचल प्रांत संगठन मंत्री) सहित उत्तर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाँचों प्रांतों के अधिकारीगण, शैक्षिक प्रभारी एवं प्रमुख उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रेम सिंह खिमटा द्वारा मंचासीन अधिकारियों का परिचय कराया गया। तत्पश्चात राम अरावकर ने “हमारे लक्ष्य” विषय पर संबोधन करते हुए कहा कि विद्या भारती राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूल भाव—समग्र विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों, कौशल विकास एवं वैश्विक नागरिकता—को शिक्षा के माध्यम से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान चुनौतियों के बीच शिक्षा ही ऐसा माध्यम है जो वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ राष्ट्र निर्माण और विश्वकल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।यह कार्यशाला आगामी दो दिनों तक NEP 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शैक्षिक नवाचारों, पाठ्यचर्या विकास एवं संगठनात्मक विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श के साथ संपन्न होगी।






