


जालंधर : डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने आज उप मंडल मैजिस्ट्रेटस को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में पड़ते ड्रग हॉटस्पॉट्स में नशे के खिलाफ व्यापक और प्रभावशाली कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए ताकि वहां से नशे को पूरी तरह खत्म किया जा सके।यहां जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकोर्ड) मैकेनिज्म की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ऐसी जगहों पर नशे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ लोगों विशेषकर युवाओं को नशों के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए।डा. अग्रवाल ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों, सांस्कृतिक और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशा सिर्फ कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि सामाजिक बुराई भी है, जिससे निपटने के लिए संयुक्त और बहु-पक्षीय उपायों की जरूरत है।इस दौरान डिप्टी कमिश्नर ने विभिन्न विभागों द्वारा नशे के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का भी जायजा लिया। स्कूलों में नशे के खिलाफ करवाई जा रही जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि यह गतिविधियां लगातार चलती रहनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों को इस बुराई से दूर रखा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य विभागों को नशा छोड़कर दोबारा जिंदगी की तरफ लौटने वाले लोगों की प्रेरणादायक कहानियां साझा करने के लिए भी कहा, जिससे नशा प्रभावितों को फिर से समाज से जोड़ा जा सके।डिप्टी कमिश्नर ने पुलिस विभाग द्वारा नशे के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का भी जाइजा लिया। पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ पहलकदमी तहत जिले में नशे को जड़ से खत्म करने की वचनबद्धता दोहराते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि नशे से विभिन्न स्तरों पर और अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नशों के खिलाफ पूरे तालमेल और एकजुट होकर काम करने का न्योता दिया।मीटिंग में सहायक कमिश्नर (यू.टी.) मुकिलन आर के इलावा पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

