


जालंधर : “युद्ध नशा विरुद्ध” और “गैंगस्टरों पर वार” अभियानों को और मजबूत बनाने के लिए एम.एफ. फारूकी, आईपीएस, एडीजीपी एसएपी जालंधर तथा स.हरविंदर सिंह विरक, एसएसपी जालंधर ग्रामीण की अगुवाई में एक विशेष बैठक आयोजित की गई।बैठक में मनजीत कौर, पीबीआई एसपी तथा जिले के सभी डीएसपी, एसएचओ, चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान नशा तस्करी और गैंगस्टर गतिविधियों के विरुद्ध चल रही कार्रवाइयों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा इन अभियानों को और प्रभावी बनाने हेतु आगामी रणनीतियों को अंतिम रूप दिया गया।इस अवसर पर एडीजीपी ने बताया कि 01 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 तक “युद्ध नशा विरुद्ध” और “गैंगस्टरों पर वार” अभियान बड़े स्तर पर चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों के तस्करों का पता लगाना, उन्हें ट्रेस करना और गिरफ्तार करना, नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ना तथा गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में कम से कम 10 चिन्हित हॉटस्पॉट पर CASO (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) करने के निर्देश दिए, विशेष रूप से उन स्थानों पर जहां नशीले और मनोदैहिक पदार्थों की बिक्री और प्रबंधन किया जा रहा है।अभियान के दौरान घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन, नशा संवेदनशील मार्गों पर राज्यव्यापी नाकाबंदी, रात्रि गश्त बढ़ाने तथा संवेदनशील स्थानों पर व्यापक जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। चिन्हित तस्करों, सप्लायरों और कुरियरों पर छापेमारी की जाएगी, साथ ही वांछित अपराधियों और कट्टर अपराधियों के विरुद्ध लक्षित कार्रवाई की जाएगी।
हॉटस्पॉट क्षेत्रों में होटल, धर्मशाला, सराय तथा किरायेदारों की वेरिफिकेशन अभियान भी चलाए जाएंगे।इसके अतिरिक्त जेलों में विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे, जिसमें मोबाइल फोन की बरामदगी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। केमिस्ट दुकानों की सख्त जांच, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर CASO कार्रवाई, गोला-बारूद भंडारण पर विशेष ध्यान के साथ शस्त्र लाइसेंस धारकों और गन हाउस की जांच तथा वाहनों की गहन चेकिंग—विशेष रूप से दोपहिया और संदिग्ध वाहनों—को सुनिश्चित किया जाएगा। बार-बार अपराध करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई तेज की जाएगी, जिसमें पिछले तीन वर्षों में दो से अधिक स्नैचिंग मामलों और तीन से अधिक आर्म्स एक्ट मामलों में शामिल व्यक्ति शामिल हैं।इसके अलावा घोषित अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, गैर-पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों की जांच तथा आवश्यकतानुसार जेल में बंद अपराधियों के प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किए जाएंगे। अभियान के दौरान परिणाममुखी कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु कम से कम 70 प्रतिशत पुलिस बल को सक्रिय किया जाएगा।यह भी निर्देश दिया गया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अभियानों की व्यक्तिगत निगरानी करेंगे तथा इनके परिणामों का प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाएगा, ताकि जनता का विश्वास और जागरूकता बढ़ाई जा सके।अंत में जालंधर ग्रामीण पुलिस ने आम जनता से अपील की कि वे नशा तस्करों और अपराधी तत्वों के संबंध में कोई भी सूचना पुलिस के साथ साझा करें, ताकि समाज को नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाया जा सके।

