डिप्टी कमिश्नर ने संभावित बाढ़ की रोकथाम के लिए किए जा रहे पूर्वव्यवस्थाओं का लिया जायज़ा

by Sandeep Verma
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जालंधर : डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर संभावित बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिले में किए जा रहे पूर्वव्यवस्थाओं का जायजा लिया।इस संबंध में यहां एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को बारिश से पहले-पहले पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि मानसून के दौरान यदि कोई संकट जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो उससे सही ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने नहरों, ड्रेनों की सफाई, गाद निकालने और नहरों के नाजुक किनारों को मजबूत करने के काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धुस्सी बांध के साथ लगते संवेदनशील और नाजुक इलाकों की पहचान की जाए, विशेषकर पिछले साल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, ताकि ऐसे क्षेत्रों में बाढ़ से बचाव संबंधी आवश्यक प्रबंध समय रहते किए जा सकें।बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने की पंजाब सरकार की वचनबद्धता दोहराते हुए डा. अग्रवाल ने पहले से पुख्ता इंतजाम पूरे करने पर जोर दिया। उन्होंने उप-मंडल मैजिस्ट्रेटों से कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे बाढ़ सुरक्षा संबंधी कार्यों की व्यक्तिगत तौर पर निगरानी सुनिश्चित करें ताकि इन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार और समय पर पूरा किया जा सके।उन्होंने इस मौके पर नाजायज कब्जों, जिनके कारण दरिया के बहाव में रुकावट पड़ सकती है, को हटाने के सख्त निर्देश भी दिए। इसके अलावा नदी के किनारों के साथ-साथ बांस और सफेदे के पेड़ लगाने के लिए भी कहा ताकि भविष्य में मिट्टी के कटाव को रोका जा सके। डिप्टी कमिश्नर ने वेईं की सफाई और संवेदनशील किनारों की मजबूती पर भी जोर दिया ताकि मानसून के दौरान वेईं के साथ लगते इलाकों में पानी भरने जैसी कोई स्थिति पैदा न हो। बारिश के दौरान शहर में पानी जमा होने की स्थिति से निपटने के लिए डिप्टी कमिश्नर ने नगर निगम जालंधर के अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान किसी भी इलाके में पानी रुकना नहीं चाहिए, जिसके लिए सीवरेज की सफाई, एस.टी.पी. के उचित संचालन, आवश्यक मशीनरी सहित अन्य जरूरी इंतजाम पहले ही पूरे कर लिए जाएं।बारिश के पानी के संरक्षण के लिए डिप्टी कमिश्नर ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 200 वर्ग गज से अधिक के आवासीय प्लॉट और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मॉल और बड़ी इमारतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। उन्होंने नगर निगम जालंधर के अधिकारियों को इन नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम संबंधी अधिक जानकारी के लिए एस.ई. नगर निगम से 94175-49549 पर संपर्क किया जा सकता है।इसके अलावा डा. अग्रवाल ने फ्लड लाइटों, सर्च लाइटों, लाइफ जैकेट, वायरलेस सेट, रस्सियां, नाव, रेत की बोरियां, नाविकों और गोताखोरों की सूची, स्प्रे, फॉगिंग मशीनें सहित अन्य आवश्यक सामान के प्रबंध पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अधिकारियों से गांवों और शहरों में ऊंचे स्थानों की पहचान करने के लिए भी कहा, ताकि यदि बाढ़ जैसे हालात पैदा होते हैं तो लोगों को वहां राहत कैंपों में सुरक्षित पहुंचाया जा सके।इस दौरान डिप्टी कमिश्नर ने पिछले मानसून सीजन के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, फौज, मनरेगा वर्करों, संगत और सैकड़ों वॉलंटियर्स के अथक प्रयासों की सराहना भी की, जिसके कारण जिला जालंधर में नदी में कोई दरार नहीं आई।बैठक में सहायक कमिश्नर (यू.टी.) मुकिलन आर, एस.डी.एम. शायरी मल्होत्रा व नवदीप सिंह, जिला राजस्व अधिकारी नवदीप सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

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