
जालंधर : पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज यहां डी.ए.वी. कॉलेज के 90वें पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान संबोधित करते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करके देश को विकसित बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।समारोह की शुरुआत में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने देश के संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. बी.आर. आंबेडकर जी को उनके जन्म दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री कटारिया ने समग्र शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि ज्ञान वही सार्थक है, जिससे विकसित मानसिकता तैयार होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने, अनुशासित रहने, नैतिक जीवन जीने और समाज की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने की अपील की। कटारिया ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में शिक्षकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थी के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उसके लिए समाज में अपनी अलग पहचान बनाने का रास्ता भी तैयार करता है।उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने में शिक्षा संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में जरूरत है कि शिक्षा संस्थाएं वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुसार विद्यार्थियों को तैयार करें।
उन्होंने इस मौके पर विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने पर भी जोर दिया।आज के पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान 90 प्रतिशत मेडल लड़कियों द्वारा हासिल करने पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि लड़कियां आज हर क्षेत्र में आगे है।
राज्यपाल श्री कटारिया ने डी.ए.वी. संस्थाओं द्वारा शिक्षा क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए आर्य समाज और डी.ए.वी. सी.एम.सी. के संस्थापकों की नैतिक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। स्वामी दयानंद सरस्वती को याद करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य समाज में सार्थक योगदान देना है। उन्होंने डी.ए.वी. सी.एम.सी. की महिला शिक्षा में अग्रणी भूमिका के लिए भी प्रशंसा की।इस दौरान लगभग 160 होनहार विद्यार्थियों को अकादमिक, खेल आदि क्षेत्रों में शानदार उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रिंसिपल डा. अनूप कुमार, वाइस-प्रिंसिपल प्रो. कुंवर राजीव, प्रो. सोनिका दानिया, रजिस्ट्रार प्रो. अशोक कपूर और डिप्टी रजिस्ट्रार प्रो. मनीष खन्ना तथा अन्य गण्यमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।