
जालंधर : बच्चों की भलाई और कानूनी संरक्षण की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए माननीय ज़िला और सेशन जज-कम-चेयरपर्सन, ज़िला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी (डी.एल.एस.ए.), जालंधर प्रिया सूद द्वारा आज ‘यूनिक होम’ जालंधर का दौरा किया गया। उनके साथ सी.जे.एम-कम-सेक्रेटरी, ज़िला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, जालंधर राहुल कुमार भी मौजूद थे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संस्था में रह रहे बच्चों के रहन-सहन, शैक्षणिक सुविधाओं और उनकी मानसिक तथा भावनात्मक स्वास्थ्य का मूल्यांकन करना था।ज़िला और सेशन जज ने संस्था में रह रहे 55 बच्चों के साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों के रोज़ाना के कामों, स्वास्थ्य के स्तर और उन्हें दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता में रूचि दिखाई। इस दौरे के दौरान श्रीमती प्रिया सूद और श्री राहुल कुमार ने व्यक्तिगत तौर पर 9 लंबित गोद लेने (अडॉप्शन) के मामलों की समीक्षा की।न्यायिक अधिकारियों ने संबंधित बच्चों से बातचीत की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके स्थायी घरों में जाने की प्रक्रिया निर्विघ्न, पारदर्शी और बच्चों के सर्वोत्तम हित में हो। टीम द्वारा संस्था की रसोई, आवासीय कमरों (डॉर्मिटरीज़) और मनोरंजन क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया गया ताकि जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) एक्ट का पालन सुनिश्चित किया जा सके। यह बच्चे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सी.डब्ल्यू.सी.) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार इस होम में रह रहे है।
यूनिक होम के प्रबंधकों को संबोधित करते हुए श्रीमती प्रिया सूद ने इस बात पर ज़ोर दिया कि न्यायपालिका यह सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है कि संस्थागत देखभाल में रहने वाले हर बच्चे को परिवार जैसा माहौल मिले। उन्होंने संस्था के प्रबंधकों के प्रयासों की सराहना की। इस मौके पर संस्था की मुखिया पद्मश्री बीबी प्रकाश कौर भी मौजूद थी। राहुल कुमार ने आगे कहा कि ज़िला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी ऐसी संस्थाओं को कानूनी सहायता प्रदान करने में सक्रिय है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी बच्चा प्रक्रिया में देरी के कारण आवश्यकता से अधिक समय संस्थागत देखभाल में न रहे।दौरे के अंत में स्टाफ़ और देखभाल करने वालों के साथ एक संक्षिप्त मीटिंग की गई ताकि निवासियों की कानूनी स्थिति के बारे में प्रबंधकीय रुकावटों को दूर किया जा सके। इस मौके पर सीनियर सहायक, ज़िला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, जालंधर जगन नाथ भी मौजूद थे।