

जालंधर : पंजाब ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर रवीश राज शर्मा ने श्री राम मंदिर को मिले दान की चोरी मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि श्री राम मंदिर निर्माण से जुड़े हर मामले में भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं ने क्रेडिट लिया है। यहां तक कि श्री राम मंदिर के भूमिपूजन, उद्घाटन, ध्वजारोहण समेत हर कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, लेकिन आज इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और भाजपा के सीनियर नेताओं की खामोशी सवाल खड़े कर रही है।
रवीश राज शर्मा ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के कुछ छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार कर मंदिर ट्रस्ट से जुड़े राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के बड़े नेताओं को बचाने का प्रयास हो रहा है। इतनी कड़ी चौकसी और सुरक्षा प्रबंधों के बीच मंदिर ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी के संरक्षण के बिना छोटे कर्मचारी करोड़ों रुपए का दान चोरी नहीं कर सकते।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। प्रधानमंत्री समेत भाजपा के सीनियर नेताओं को इस मुद्दे पर अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए, क्योंकि मंदिर से जुड़े हर काम, यहां तक कि ट्रस्ट के गठन तक में इन्हीं का हस्तक्षेप रहा है।
रवीश राज शर्मा ने कहा कि जब मंदिर निर्माण का श्रेय लेने के लिए भाजपा नेता आगे-आगे रहे तो अब दान चोरी जैसी गंभीर घटना पर चुप्पी क्यों? करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर जांच एजेंसियां दबाव में काम करेंगी तो सच कभी सामने नहीं आएगा।
पूर्व डायरेक्टर ने कहा कि मंदिर परिसर में सीसीटीवी, सुरक्षा बलों और ट्रस्ट के पदाधिकारियों की निगरानी के बावजूद इतनी बड़ी चोरी होना संभव नहीं है। इसमें ट्रस्ट के उच्च पदों पर बैठे लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
रवीश राज शर्मा ने कहा कि राम मंदिर देश के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। दान में मिली एक-एक पाई का हिसाब जनता के सामने आना चाहिए। इस मामले में लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।