

नकोदर (जालंधर) : कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की गन्ना शाखा द्वारा उन्नत कृषि योजना के तहत सहकारी शुगर मिल नकोदर में डा. मनधीर सिंह, प्रोजेक्ट अधिकारी के नेतृत्व में गन्ने की फसल संबंधी दो दिवसीय किसान जागरूकता कैंप/प्रशिक्षण आयोजित किया गया।प्रशिक्षण के दौरान सहायक गन्ना विकास अधिकारी डा. गुरचरण सिंह, प्रधान वैज्ञानिक एवं किसान सलाहकार केंद्र जलोवाल डा. मनिंदर सिंह, कीट वैज्ञानिक डा. युवराज सिंह, फसल वैज्ञानिक तथा गन्ना अनुसंधान केंद्र कपूरथला डा. राजिंदर पाल ने गन्ने की खेती की उन्नत तकनीकों, कीट-मकोड़ों की रोकथाम, रोग प्रबंधन, गन्ने में अंतर-फसल तथा किसानों की भलाई से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।किसानों को संबोधित करते हुए डा. गुरचरण सिंह ने कहा कि कृषि उन्नत योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत पंजाब सरकार द्वारा गन्ने की प्रति हेक्टेयर पैदावार बढ़ाकर पंजाब में गन्ने की फसल में अंतर-फसल के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए प्रदर्शनी प्लॉट लगाए जा रहे है ताकि गन्ना उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सके। इसके अलावा इस मिशन का उद्देश्य फसल उत्पादन, तकनीक और बीजों के लिए सहायता प्रदान करके अनाज उत्पादन बढ़ाना, मिट्टी की सेहत बहाल करना, किसानों की आय में सुधार करना तथा पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की गन्ना शाखा द्वारा किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि गन्ना पंजाब की गेहूं, धान और कपास के बाद चौथी ऐसी नकदी फसल है जो मौसम के प्रतिकूल प्रभावों को सहन करके भी गन्ना किसानों को अच्छी आमदनी प्रदान करती है।डा. राजिंदर पाल ने कहा कि गन्ने की प्रति हेक्टेयर पैदावार बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों को चौड़ी पंक्ति विधि अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस विधि से बोई गई गन्ने की फसल के पौधों को अधिक रोशनी और हवा मिलती है, जिससे फसल कम गिरती है और पैदावार में वृद्धि होती है।कृषि अधिकारी (प्रशिक्षण) डा. प्रवीण कुमारी ने बताया कि गन्ने की बुवाई के साथ दालों की अंतर-खेती करने से भूमि की सेहत में सुधार और उर्वरकों की बचत की जा सकती है।शुगर मिल नकोदर के महाप्रबंधक सुखविंदर सिंह तूड़ ने किसानों को बताया कि मिल में गन्ने की पेराई 28 नवंबर से शुरू की जा रही है।सी.सी.डी.ओ. एकम सिंह सिद्धू ने अंत में दो दिवसीय प्रशिक्षण में आए सभी किसानों का धन्यवाद किया।
