


चंडीगढ़ : पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार विरुद्ध चल रहे अभियान दौरान, ज़िला जालंधर के भोगपुर स्थित एफसीआई दफ़्तर में तैनात तकनीकी सहायक रूही बाला कालिया को 20, 000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है। जानकारी देते, राज्य विजीलैंस ब्यूरो के एक सरकारी वक्ता ने बताया कि उक्त दोषी को गुरू तेग़ बहादुर चावल मिल, नंगल फ़िदा, सब- तहसील भोगपुर, ज़िला जालंधर के मैनेजर की तरफ से दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर गिरफ़्तार किया गया है। इस सम्बन्धित शिकायतकर्ता ने बताया कि खरीद सीजन 2025-26 के लिए उक्त चावल मिल को धान की 49, 086 बोरियां अलाट की गई थी। अलाट की गई मात्रा में से, चावलों की 1,160 बोरियां दो खेप ( प्रत्येक खेप में 580 बोरियां) एफ.सी.आई.को भेजने के लिए लम्बित थे।उन्होंने बताया कि उक्त दो खेप भोगपुर स्थित एफ.सी.आई. गोदाम में भेजी गई थी। इसके बाद, दोषी रूही बाला कालिया ने उक्त खेप को क्लीयर करने के लिए शिकायतकर्ता से 25, 000 रुपए रिश्वत की मांग की। यह मांग शिकायतकर्ता के मुनीम आदर्श कुमार के साथ मोबाइल फ़ोन के द्वारा हुई बातचीत दौरान की गई थी।बताने योग्य है कि पहले भी, दोषी ने शिकायतकर्ता से अपनी फर्म की पिछली खेप को क्लीयर करने बदले 50, 000 रुपए रिश्वत ली थी। अपनी खेप को रद्द करने के डर से, शिकायतकर्ता मजबूरी में रिश्वत देने के लिए सहमत हो गया। हालांकि, विनती करने’और, दोषी बकाया खेप को क्लीयर करने के लिए 20, 000 रुपए लेने के लिए सहमत हो गया। रिश्वत की मांग सम्बन्धित सारी बातचीत शिकायतकर्ता की तरफ से रिकार्ड कर ली गई थी शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इस लिए उसने पंजाब विजीलैंस ब्यूरो, यूनिट कपूरथला के पास पहुंच की और शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत पर कार्यवाही करते हुए, विजीलैंस ब्यूरो ने एक जाल बिछाया, जिस दौरान दोषी रूही बाला कालिया को सरकारी गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 20, 000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया गया।इस सम्बन्धित, मुलजिम विरुद्ध विजीलैंस ब्यूरो के थाना जालंधर में भ्रष्टाचार रोकू कानून के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है और इस मामले में आगे की जांच जारी है।

