


जालंधर : अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को समर्पित पंजाबी जागृति मंच एवं पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों विभाग के सलाहकार दीपक बाली द्वारा शहर भर में प्रभावशाली मां बोली पंजाबी मार्च निकाला गया। इस मौके पर देश-विदेश से लोगों के जोरदार इकठ्ठ द्वारा पंजाबी भाषा एवं संस्कृति के प्रचार एवं प्रसार की दृढ़ वचनबद्धता को दोहराया गया।
इस मौके पर पंजाब विधान सभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा, कैबनेट मंत्री मोहिंदर भगत, सदस्य संसद अशोक मित्तल, डिप्टी कमिश्नर डा.हिमांशु अग्रवाल एवं सीनियर आप आगू राजविंदर कौर थियाड़ा के इलावा अन्य शख्सियतों द्वारा मार्च में शिरकत की गई। हजारों की गिनती में लोग लायलपुर खालसा स्कूल, नकोदर रोड में इकट्ठे हुए जहां से यह मार्च शुरू हुआ। शहर के अलग-अलग स्थानों से होता हुआ यह मां बोली पंजाबी मार्च देश भगत यादगार हाल में पहुंचकर समाप्त हुआ।इस मौके पर लोगों के जोरदार जत्थों को संबोधन करते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवा द्वारा मातृभाषा की महत्ता बारे जागरूकता फैलाने लिए दीपक बाली द्वारा किए गए संजीदा प्रयास की प्रशंसा की गई। उन्होंने युवाओ को पंजाबी भाषा का राजदूत बनने का सदा देते हुए विश्व स्तर पर मां बोली के प्रचार एवं प्रसार का संदेश दिया गया।
उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री पंजाब स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व राज्य सरकार विश्व के कोने-कोने में पंजाबी भाषा को उत्साहित करने लिए वचनबद्ध है। संधवा ने जोर देते हुए कहा कि भले सभी भाषाएं सम्मान योग्य है पर लोगों को अपनी मातृभाषा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने मां-बापों को प्रेरित किया कि घर में बच्चों के साथ पंजाबी भाषा में बातचीत की जाए।इस मौके पर अपने संबोधन में पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि बड़े स्तर पर पंजाबी भाषा को उत्साहित करने की जरूरत पर जोर देते हुए सभी शिक्षा संस्थाओं में पंजाबी भाषा की पढ़ाई अनिवार्य करने की मांग भी की गई। उन्होंने बताया कि मातृभाषा दिवस को एक त्योहार की तरह मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी की पहचान उसकी मातृभाषा की गहरी जड़ों से जुड़ी होती है।इस मौके पर मार्च द्वारा पंजाब विधान सभा के स्पीकर को पंजाबी भाषा को और मजबूत करने संबंधी मांग पत्र भी दिया गया। उन्होंने भरोसा जताया कि इस मसले को पंजाब सरकार से विचार किया जाएगा।समागम को सांस्कृतिक रंगत देने लिए प्रसिद्ध गायक मनकीरत औलख, दलविंदर दियालपुरी, कुलविंदर कैली एवं गुरलेज़ अख्तर द्वारा श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया गया।

