


जालंधर : नालसा (एन.ए.एल.एस.ए.) तथा पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथॉरिटी मोहाली के दिशा-निर्देशों के तहत जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी द्वारा जिला एवं सेशन न्यायाधीश-कम-चेयरमैन निरभउ सिंह गिल के नेतृत्व में एक महीने से चलाई जा रही व्यापक जागरूकता मुहिम ‘नशा मुक्त पंजाब’ तथा ‘नशियों के विरुद्ध नौजवान’ आज सफलतापूर्वक समाप्त हो गई। यह मुहिम 6 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक चलाई गई।जिला एवं सेशन न्यायाधीश निरभउ सिंह गिल तथा सी.जे.एम.-कम-सचिव, डी.एल.एस.ए. जलंधर राहुल कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य समाज को नशों की लानत के विरुद्ध लामबंद करना तथा कानूनी सहायता, पुनर्वास सेवाओं तथा आम जनता के बीच एक पुल के रूप में कार्य करना है। यह मुहिम जिले के ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों के हर कोने तक पहुंचने के लिए तैयार की गई थी।
उन्होंने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य नौजवानों तथा विद्यार्थियों को नशाखोरी के शारीरिक, सामाजिक तथा कानूनी परिणामों के बारे में जागरूक करना, जनता को एन.डी.पी.एस. एक्ट तथा पुनर्वास की मांग करने वालों के कानूनी अधिकारों के संबंध में जागरूक करने के साथ-साथ नशे के प्रभाव में आए व्यक्तियों की पहचान करना तथा मदद के लिए सरपंचों, एन.जी.ओ. तथा स्थानीय प्रभावशाली लोगों को शामिल करना था। नशा छुड़ाने केंद्रों के साथ समन्वय करना भी इस मुहिम का उद्देश्य था ताकि पीड़ित व्यक्ति बिना किसी सामाजिक डर के रिकवरी की ओर बढ़ सकें।उन्होंने बताया कि मुहिम के दौरान पैनल वकीलों, पी.एल.वी. (PLVs) तथा एल.ए.डी.सी. (LADCs) द्वारा लगभग 100 स्कूलों का दौरा किया गया तथा 100 गांवों में जागरूकता पैदा की गई। इसके अलावा कम्युनिटी सेंटरों, केंद्रीय जेल कपूरथला तथा जलंधर के 24 नशा छुड़ाने केंद्रों में जागरूकता प्रोग्राम आयोजित किए गए। कई नशा छुड़ाने वाले केंद्रों का निरीक्षण न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी किया गया। इस दौरान रक्तदान तथा मैडिकल कैंप भी लगाए गए। उन्होंने आगे बताया कि जिला शिक्षा विभाग के सहयोग से प्रसिद्ध कलाकारों गुरप्रीत घुग्गी तथा बिन्नू ढिल्लों द्वारा नशों के बुरे प्रभावों के बारे में रिकॉर्ड किए गए ऑडियो संदेश जालंधर के लगभग 330 सरकारी सीनियर सेकेंडरी, हाई तथा सहायता प्राप्त स्कूलों की सुबह की सभाओं में सुनाए गए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि नशों के विरुद्ध लड़ाई केवल कानून प्रवर्तन का मुद्दा नहीं, बल्कि एक सामाजिक-कानूनी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि डी.एल.एस.ए. ने गांवों तथा कम्युनिटी सेंटरों में नशा मुक्त जीवन का संदेश पहुंचाने के लिए अपनी पूरी टीम को तैनात किया। इस दौरान कानूनी साक्षरता कैंप लगाए गए तथा सेमिनारों में मेडिकल विशेषज्ञों तथा नशा छोड़ चुके व्यक्तियों द्वारा अपनी सफलता की कहानियां साझा की गई।डी.एल.एस.ए. जालंधर ने प्रेस, सिविल सोसाइटी तथा आम जनता को इस मुहिम में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि नशा छुड़ाने सुविधाओं तथा मुफ्त कानूनी सहायता के लिए हेल्पलाइन: 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।इस अवसर पर जिला एवं सेशन न्यायाधीश निरभउ सिंह गिल तथा राहुल कुमार द्वारा लगभग 50 पैनल वकीलों, एल.ए.डी.सी., पी.एल.वी. तथा स्टाफ सदस्यों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में सिविल जज अर्जन सिंह संधू तथा मानिक कौड़ा, मुख्य एल.ए.डी.सी. हरनेक सिंह, डिप्टी डी.ई.ओ. राजीव जोशी, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर जसविंदर सिंह, सीनियर सहायक जगन नाथ तथा पैरा लीगल वॉलंटियर भी मौजूद थे।

