


जालंधर : डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि शहरी जनता की सुरक्षा और जानवरों की भलाई को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नंगल शामा में करीब 58 लाख रुपये की लागत से डॉग शेल्टर बनने जा रहा है।सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स, जिला पशु भलाई सोसायटी और एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स 2023 संबंधी समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस डॉग शेल्टर का काम 31 मार्च 2026 से पहले शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि डॉग शेल्टर की स्थापना से कुत्तों के काटने की घटनाओं को कम करने और आवारा कुत्तों के लिए उचित डॉक्टरी देखभाल एवं इलाज को यकीनी बनाने में मदद मिलेगी।इस दौरान डा. अग्रवाल ने एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम के तहत शहर में आवारा कुत्तों की स्टेरलाइजेशन का भी जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शहर के वार्ड नंबर 10 और 11 में कुत्तों की स्टेरलाइजेशन सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। जबकि वार्ड नंबर 8 और 9 में डॉग स्टेरलाइजेशन का काम 80 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत इस साल जनवरी महीने के दौरान करीब 543 कुत्तों की स्टेरलाइजेशन की गई है।डिप्टी कमिश्नर ने शहर की सड़कों से बेसहारा पशुओं को गौशालाओं में तब्दील किए जाने के प्रयासों का भी जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस साल जनवरी महीने के दौरान 64 बेसहारा पशु शहर की सड़कों से गौशालाओं में भेजे गए है। उन्होंने यह भी बताया कि करतारपुर में 3.5 करोड़ रुपये की लागत से 300 पशुओं की सामर्थ्य वाली गौशाला का निर्माण किया गया है, जिसमें 80 से अधिक बेसहारा पशु भेजे जा चुके है।उन्होंने कहा कि इस गौशाला से शहर के बेसहारा पशुओं की समस्या को काफी हद तक हल करने में सहायता मिलेगी।इस दौरान नगर निगम जालंधर के अधिकारियों ने जानकार करवाया कि नगर निगम की ओर से एक और कैटल कैचर वाहन की खरीद की गई है, जिससे बेसहारा पशुओं को गौशालाओं में तब्दील करने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।डिप्टी कमिश्नर ने एस.डी.एमज को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में हाईवे पेट्रोल कमेटियों का गठन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कमेटियां ऐसी जगहों, जहां बेसहारा पशुओं कारण हादसे होते हैं, बारे विस्तृत रिपोर्ट देंगी ताकि जरूरी कदम चुकाए जा सकें। उन्होंने कहा कि इन कदमों का उदेश्य लोगों और बेसहारा पशुओं की सुरक्षा यकीनी बनाना है।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की व्हाट्सएप एक्शन हेल्पलाइन 9646222555 पर बेसहारा पशुओं संबंधी प्राप्त हो रही शिकायतों का तुरंत हल किया जा रहा है। उन्होंने जनता को बेसहारा पशुओं संबंधी सूचना देने और इस संबंधी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर पर व्हाट्सएप मैसेज करने की अपील भी की। उन्होंने यह भी अपील की कि बेसहारा पशुओं को सड़कों पर छोड़ने की बजाय प्रशासन की ओर से चलाई जा रही गौशालाओं में भेजा जाए।मीटिंग के दौरान सहायक कमिश्नर (यू.टी.) मुकिलन आर, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम मंदीप कौर और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

