
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच हुई अहम वर्चुअल बैठक अब खत्म हो गई है. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के खतरे को देखते हुए बुलाई गई यह बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक का मकसद साफ था कि दुनिया में चाहे कितनी भी उथल-पुथल मचे, भारत में तेल, गैस और जरूरी सामानों की सप्लाई रुकनी नहीं चाहिए. पीएम मोदी ने कुछ दिन पहले ही देश को आगाह किया था कि मिडिल ईस्ट का यह संकट भारत के लिए लंबी मुसीबतें खड़ी कर सकता है. केंद्र सरकार अपनी तरफ से हर मुमकिन कदम उठा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इन योजनाओं को कामयाब बनाने की असली जिम्मेदारी राज्यों के कंधों पर है. इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्रियों से अपील की है कि वे अपने-अपने राज्यों में ऐसी व्यवस्था करें जिससे आम आदमी की जरूरत की चीजों पर कोई आंच न आए. उन्होंने याद दिलाया कि जब देश संकट में होता है, तो केंद्र और राज्यों को मिलकर एक परिवार की तरह लड़ना पड़ता है.