
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइड ड्यूटी उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया है.ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी जंग में ऊर्जा संकट को देखते हुए मोदी सरकार का ये बड़ा कदम है.पेट्रोल और डीजल की कीमत पर बढ़ने से रोकने के लिए ये कदम मोदी सरकार ने उठाया है.ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल (पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन बनाने में प्रयुक्त कच्चा माल) की आधी आपूर्ति बाधित हुई है, लेकिन देश ने अगले 60 दिन के लिए अन्य स्रोतों से पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित कर ली है.ईरान और इजरायल-अमेरिका जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती का फैसला आम जनता और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.इस कदम का असर सीधे तौर पर ईंधन की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे तेल कंपनियों और लोगों की जेब पर पड़ने वाला बोझ कम होता है.सबसे पहला और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि पेट्रोल और डीजल सस्ते हो सकते हैं, अगर तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाते हैं.सूत्रों की मानें तो, एक्साइज ड्यूटी घटने से पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की संभावना नहीं है. लेकिन साथ में ये भी है कि अब रेट बढ़ने की संभावना भी नहीं है।अब इस कटौती के बाद अगर तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती करती हैं तो फ्यूल के दाम 10 रुपये तक कम हो सकते हैं.अभी तक सिर्फ सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी कम की गई है. पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती तेल कंपनियों के फैसले पर निर्भर करेगा.गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से देश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी मची थी. लोग यहां पेट्रोल और डीजल की पैनिंक बाइंग कर रहे थे.