पंजाब ने अगले पांच सालों में ग्रीन एनर्जी से 85 फीसदी बिजली उत्पादन का लक्ष्य तय किया : कैबिनेट मंत्री

by Sandeep Verma
0 comment
Trident News Trident News

जालंधर : पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, स्थानीय सरकारें और बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने आज कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब के इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा निवेश हुआ है, जिसमें 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के करार शामिल है। यह औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करने के पंजाब सरकार के संकल्प को दर्शाता है।जालंधर में स्थानीय उद्योगपतियों के साथ बातचीत सेशन के बाद मीडिया से बात करते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि पंजाब निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा स्थानों में से एक के तौर पर उभरा है। उन्होंने बताया कि जे.एस.डब्ल्यू. ग्रुप और मित्तल ग्रुप सहित प्रमुख औद्योगिक समूहों ने क्रम अनुसार 3,000 करोड़ और 2,600 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। अरोड़ा ने घोषणा की कि पंजाब सरकार एक महीने के अंदर एक नई इंडस्ट्रियल पार्क नीति लागू करने जा रही है, जिसके तहत राज्य में कम से कम 25 एकड़ में फैले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगपति और रियल एस्टेट डेवलपर्स संयुक्त रूप से इन पार्कों के विकास में शामिल होंगे, जबकि निवेशक इन प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए रजिस्टर करके सभी जरूरी मंजूरी प्राप्त कर सकेंगे।इस नीति को क्रांतिकारी कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि इन नए पार्कों में शिफ्ट होने वाले उद्योगों को बड़े प्रोत्साहन मिलेंगे। जीरो लिक्विड डिस्चार्ज मानदंड अपनाने वाले मौजूदा उद्योग 10 करोड़ रुपये तक के प्रोत्साहन के योग्य होंगे, जबकि नए उद्योगों को 100 प्रतिशत प्रोत्साहन मिलेगा। इसी तरह धान की पराली के बायलर प्लांट स्थापित करने वाले उद्योगों को 7.5 करोड़ रुपये तक के प्रोत्साहन दिए जाएंगे।कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब ग्रीन एनर्जी उत्पादन में एक बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले पांच सालों में अपनी 85 प्रतिशत बिजली सोलर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज सिस्टम जैसे ग्रीन स्रोतों से पैदा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने आगे कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने और पंजाब को स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में अग्रणी राज्य बनाने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की जा रही है।अरोड़ा ने कहा कि कैबिनेट द्वारा एक नई संचालन एवं प्रबंधन नीति को पहले ही मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत उद्योगपति खुद रख-रखाव का खर्च जुटाएंगे और फंड्स का उपयोग फोकल प्वाइंट्स तथा औद्योगिक केंद्रों की देखभाल के लिए करेंगे।कानून व्यवस्था के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वसूली के लिए आने वाली कॉलें अक्सर शरारती तत्वों द्वारा आसानी से पैसा कमाने की कोशिश होती हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करें। उन्होंने कहा कि संसद में उनके द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में भारत सरकार द्वारा पहले उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार पंजाब की कानून व्यवस्था की स्थिति 17 अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। उन्होंने आगे कहा कि अगर कानून व्यवस्था में कोई गंभीर समस्या होती, तो राज्य में इतना रिकॉर्ड निवेश नहीं आता।इससे पहले उद्योग मंत्री ने स्थानीय उद्योगपतियों से मुलाकात की, उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योग विभाग, स्थानीय सरकारें और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ भी मीटिंग की।इस मौके पर मेयर विनीत धीर, डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर, एचएस बराड़, एम.डी. इन्फोटेक और विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

Trident News Trident News Trident News Trident News
Trident News Trident News Trident News Trident News Trident News Trident News Trident News

You may also like

Leave a Comment

2022 The Trident News, A Media Company – All Right Reserved. Designed and Developed by iTree Network Solutions +91 94652 44786

You cannot copy content of this page