

जालंधर: पंजाब कांग्रेस के नेता एवं पंजाब ब्राह्मण बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर रविश राज शर्मा ने स्कूलों में विद्यार्थियों की मानसिक सेहत से जुड़े गंभीर मुद्दे पर पंजाब सरकार से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को तत्काल लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों और किशोरों में बढ़ता मानसिक तनाव, परीक्षा का दबाव, पारिवारिक एवं सामाजिक परिस्थितियां तथा आत्महत्या जैसी घटनाएं बेहद गंभीर चिंता का विषय हैं, इसलिए सरकार को इसे महज औपचारिकता के रूप में नहीं बल्कि प्राथमिकता के रूप में लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इसी गंभीर विषय को लेकर उन्होंने 18 सितंबर को पंजाब सरकार को कानूनी नोटिस भेजकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की थी। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के संदर्भ में यह और भी जरूरी हो गया है कि पंजाब सरकार स्पष्ट करे कि राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में कितने प्रशिक्षित काउंसलर नियुक्त किए गए हैं, कितने स्कूलों में Mental Health Policy लागू है तथा विद्यार्थियों के लिए Suicide Prevention Mechanism किस स्तर पर कार्य कर रहा है।
रविश राज शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में Mental Health Policy अपनाने, काउंसलर नियुक्त करने और Suicide Prevention के प्रभावी उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों की भावना स्पष्ट है कि प्रत्येक स्कूल में बच्चों की मानसिक स्थिति को समझने, उनकी समस्याओं की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर पेशेवर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई और परीक्षा के परिणामों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है; विद्यार्थियों की मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा भी शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए।