राष्ट्रीय लोक अदालत में 39,920 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा

by Sandeep Verma
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जालंधर, 9 मई : राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं अथॉरिटी और पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथॉरिटी के निर्देशानुसार आज जालंधर, फिल्लौर और नकोदर के न्यायिक अदालती कॉम्प्लेक्स में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई।इस लोक अदालत में हर प्रकार के दीवानी मामले, वैवाहिक झगड़े, एम.ए.सी.टी. (MACT) मामले, राजीनामा योग्य फौजदारी मामले, ट्रैफिक चालान तथा बैंकों, वित्तीय संस्थानों, बी.एस.एन.एल., पी.एस.पी.सी.एल. के प्री-लिटिगेशन मामले और माल विभाग के मामले आदि सुनवाई के लिए रखे गए।जिला एवं सेशन जज-कम-चेयरपर्सन, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (डी.एल.एस.ए.), जालंधर श्रीमती प्रिया सूद ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जालंधर, फिल्लौर और नकोदर में कुल 24 बैंचों का गठन किया गया था। उन्होंने आगे बताया कि लोक अदालत में कुल 40,636 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे, जिनमें से 39,920 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। लोक अदालत में 16,27,57,005/- रुपये (16 करोड़ 27 लाख 57 हजार 5 रुपये) के अवॉर्ड पास किए गए। जिला एवं सेशन जज श्रीमती प्रिया सूद और सी.जे.एम.-कम-सेक्रेटरी, डी.एल.एस.ए. जालंधर श्री राहुल कुमार ने जालंधर में स्थापित बैंचों का निरीक्षण भी किया।
श्रीमती प्रिया सूद ने आगे बताया कि लोक अदालतों के माध्यम से लोगों को जल्द न्याय मिलता है। लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और इसके विरुद्ध कोई अपील दायर नहीं की जा सकती। यह फैसला दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के आधार पर दिया जाता है। लोक अदालतें आपसी भाईचारा बढ़ाती है और इसमें याचिकाकर्ता द्वारा अदालत में जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है।
प्रोसीडिंग के दौरान चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, जालंधर डा. सुशील बोध की अध्यक्षता वाले बेंच और जिला एवं सेशन जज श्रीमती प्रिया सूद की प्रभावशाली मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच 23 साल पुराने एक मामले में सफलतापूर्वक समझौता करवाया गया।IMG 20260509 WA0280 इस समझौते की प्रक्रिया की निगरानी श्रीमती प्रिया सूद और श्री राहुल कुमार द्वारा व्यक्तिगत तौर पर की गई, जिन्होंने अदालतों में लंबित मामलों को कम करने के लिए आपसी सहमति से होने वाले समाधानों की महत्ता पर जोर दिया। समझौते का रास्ता चुनकर, दोनों पक्ष अपने लंबे समय से चल रहे विवाद को तुरंत हल करने में सफल रहे, जो राष्ट्रीय लोक अदालत के मुख्य उद्देश्य — तुरंत, सस्ता और शांतिपूर्ण न्याय प्रदान करना है।इस संबंध में सी.जे.एम. राहुल कुमार ने बताया कि समय-समय पर लोक अदालतें लगाई जाती है ताकि मामलों का निपटारा राजीनामे के माध्यम से किया जा सके। लोक अदालत में केस लगाने और किसी भी कानूनी मामले के बारे में अधिक जानकारी के लिए कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अगली लोक अदालत 12.09.2026 को लगाई जाएगी।

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