
परगट सिंह ने कहा- युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने वाले शिक्षा मंत्री से लिया जाए इस्तीफा
जालंधर : पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने आरोप लगाया कि 2021 से लेकर अब तक नीट, जेई मेन और यूजीसी-नेट समेत 70-80 प्रतियोगिक परीक्षाओं के पेपर लीक और रद्द होने के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वह तुरंत शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लें। उन्होंने उनके पद से हटाया जाए।
परगट सिंह ने कहा कि धमेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री बनने के बाद पिछले पांच सालों के दौरान इन परीक्षाओं में करीब सवा करोड़ से ज्यादा स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर लग चुका है। बार-बार उनकी वर्षों की मेहनत को बर्बाद किया जा रहा है। इसी साल 2026 नीट की परीक्षा को भी रद्द किए जाने से देश के 22 लाख से अधिक स्टूडेंट्स प्रभावित हुए हैं।
परगट सिंह ने कहा कि 2021 से लेकर 2026 तक नीट-यूजी और पीजी के चार पेपर लीक हो चुके हैं। इनमें नीट-यूजी 2021 जयपुर, नीट-यूजी 2024 पटना-हजारीबाग, नीट-पीजी 2024 और नीट-यूजी 2026 सीकर अहम हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिए जाने तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। इसे देश भर में आंदोलन के रूप में खड़ा किया जाएगा। इस मामले की तुरंत निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए। जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की कमेटी बनाई जानी चाहिए। क्योंकि सीबीआई जांच में भी अभी तक केंद्र सरकार के हाथ खाली हैं। इस रैकेट में जुड़े लोग बार-बार पेपर लीक की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन परीक्षाओं के रद्द होने से निराश होकर युवा मानसिक तनाव और असुरक्षा से गुजर रहे हैं। अब तक चार युवाओं ने आत्महत्या करने से भी गुरेज नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पेपरों को लीक करने वालों पर अभी तक कड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। उल्टा इन कई मामलों में प्रमोशन तक दे दिए गए। भाजपा के भ्रष्टाचार को खत्म करने और शिक्षा को नई दिशा देने के सभी वादे खोखले नजर आ रहे हैं।