


जालंधर : सिखों के दसवें गुरु.गुरु गोविंद सिंह की जयंती धूमधाम से गुरुद्वारा गोबिंदसर वार्ड नंबर 77 में मनाई गई. इस दौरान गुरुद्वारे में कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस मौक पर नॉर्थ हल्का विधायक जुनियर अवतार हैनरी बावा व वार्ड नंबर 77 इंचार्ज बलजीत सेंभी ने गुरुद्वारा साहब में नतमस्तक हो गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद प्राप्त किया इस मौक पर विधायक बावा हैनरी ने समूचे इलाका निवासियों को इस पावन पर्व की हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने जीवन से अडिग साहस, न्याय के लिए संघर्ष और धर्म की रक्षा का जो संदेश दिया, वह समय के हर पड़ाव पर उतना ही प्रासंगिक है।गुरु गोबिंद सिंह, सिखों के दसवें और अंतिम मानव गुरु, सिर्फ एक आध्यात्मिक पुरुष नहीं थे। वह एक योद्धा, कवि, दार्शनिक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक और एक महान राष्ट्र-निर्माता थे। इस मौक पर वार्ड इंचार्ज बलजीत सेंभी ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह के जीवन की शुरुआत ही विपरीत परिस्थितियों में हुई। चार साल की उम्र तक वे पटना में रहे, फिर परिवार के साथ पंजाब लौट आए। शिक्षा के दौरान उनके अंदर धर्म, परोपकार और न्याय के विचार गहराई से विकसित हुए।यह सिर्फ धार्मिक प्रतीक नहीं थे, बल्कि एक अनुशासित, साहसी और चरित्रवान जीवन की पहचान थे।इस मौके पर जतिंदर मार्शल, सुनील पम्मा, राजेश लाडी, सुरजीत बिट्टू, इष्टपाल चड्ढा, दर्शन प्रधान अन्य इलाका निवासी उपस्थित रहे






