


चंडीगढ़ : पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी पर माघी मेले में राजनीतिक रैली के लिए 1600 सरकारी बसों का इस्तेमाल करने की कड़ी निंदा की। उन्होंने पंजाब सरकार पर सरकारी स्रोतों का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास सरकारी मुलाजिमों को देने के लिए वेतन और पैंशन के पैसे नहीं है, लेकिन रैलियों में मुहैया करवाने के लिए सरकारी बसें जरूर उपलब्ध हैं।यह शासन नहीं है, बल्कि सरकार की तरफ से सरकारी स्रोतों की खुलेआम की जा रही लूट है। पंजाब सरकार के पास लोगों के हकों के लिए पैसा नहीं, लेकिन स्टेजों पर नए-नए जुमले सुनने की पूरी तैयारी है। राज्य सरकार अपनी पब्लिसिटी के लिए करोड़ों रुपए बर्बाद कर रही है।परगट सिंह ने कहा कि देश में कर्ज के मामले में पंजाब दूसरे स्थान का राज्य बन चुका है। दिन प्रतिदिन सब्सिडी और अन्य मुफ्त सुविधाओं के चलते कर्ज बढ़ता जा रहा है। कैग और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्टों के मुताबिक चार सालों में 2.25 लाख करोड़ रुपए का कर्ज बढ़कर करीब 4 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। जोकि अगले साल 2026 अंत तक पांच लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है। पंजाब का बच्चा-बच्चा इस समय 1.33 लाख रुपए के कर्ज के नीचे दबा हुआ है।उन्होंने कहा कि वाह-वाही लूटने के लिए पंजाब सरकार ने सरकारी बसों में महिलाओं के लिए सफर मुफ्त कर दिया, लेकिन मुफ्त यात्रा स्कीम का 750 करोड़ रुपए पीआरटीसी और पनबस को अभी तक नहीं मिला है। पटियाला में पीआरटीसी के मुलाजिम सड़कों पर धरने दे रहे हैं। इनको सैलरी तक समय पर नहीं मिल पा रही है। अलग-अलग सरकारी विभागों के 2700 करोड़ रुपए अभी तक बाकी हैं और 10500 करोड़ रुपए की बिजली सब्सिडी का बकाया लटक रहा है।पूर्व शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने कहा कि पंजाब के खजाने की लूट करने की बजाए पंजाब को स्मृद्ध बनाने के लिए राज्य सरकार को काम करना चाहिए। लोगों को मूर्ख बनाना बंद करना चाहिए और सरकारी पैसा का इस्तेमाल लोगों के हकों के काम करने पर होना चाहिए। पंजाब पर बढ़ रहे कर्ज को खत्म करने के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए।






