

चंडीगढ़ : पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत विजीलेंस ब्यूरो ने दसूहा जिला होशियारपुर में पीएसपीसीएल के जूनियर इंजीनियर निर्मल सिंह और सरकारी मंज़ूरशुदा ठेकेदार सतनाम सिंह को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता के अनुसार शिकायतकर्ता—जो तहसील दसूहा का निवासी और टैक्सी चालक है—के पास गांव में 13 मरले का प्लॉट है, जिसमें से तीन-फ़ेज़ तारें पड़ोस के कांता पुत्र देसा सिंह की मोटर तक जाती थीं। शिकायतकर्ता ने पीएसपीसीएल सब-डिवीजन दसूहा में आवेदन देकर इन तारों को प्लॉट के एक ओर तब्दील करवाने की मांग की थी। उन्होंने आगे बताया कि जेई निर्मल सिंह ने साइट सर्वे किया और शिकायतकर्ता से अनुमान तैयार करने के लिए 5,000 रुपये की मांग की । इसके बाद उसने रिश्वत के 5,000 रुपये और मांग लिए। बाद में जेई निर्मल सिंह और ठेकेदार सतनाम सिंह दोबारा शिकायतकर्ता के घर पहुंचे, जहाँ ठेकेदार ने तारें बदलने के लिए 12,000 रुपये की मांग की। बातचीत के बाद शिकायतकर्ता 10,000 रुपये देने पर तैयार हो गया, जबकि जेई ने पहले मांगे गए बचे 5,000 रुपये भी देने के लिए कहा। हालाँकि ठेकेदार ने मंज़ूरशुदा नक्शे के अनुसार तारें बदल दी थीं, लेकिन शिकायतकर्ता ने उसी दिन रिश्वत नहीं दी। इसके बाद दोनों आरोपी बार-बार फोन करके रिश्वत की मांग करते रहे। शिकायतकर्ता ने पूरी बातचीत अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली और साक्ष्य के साथ विजीलेंस ब्यूरो से संपर्क किया।जांच के बाद विजीलेंस ब्यूरो यूनिट जालंधर ने योजना बनाकर दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत विजीलेंस ब्यूरो रेंज जालंधर में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को कल अदालत में पेश किया जाएगा तथा आगे की जांच जारी है।
