


जालंधर : अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड पंजाब के चेयरमैन एवं वार्ड पार्षद अश्वनी अग्रवाल ने ओटीएस स्कीम की समय सीमा 31 मार्च तक बढ़ाए जाने के निर्णय को व्यापार हित में बड़ा फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि ओटीएस स्कीम के विस्तार से छोटे, मध्यम और बड़े उद्यमियों को बकाया करों के निपटारे का एक और अवसर मिलेगा, जिससे पूंजी प्रवाह सुधरेगा और निवेश का माहौल बेहतर होगा। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को जनहितैषी और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि इससे राजस्व संग्रह भी सुचारू होगा और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। सरकार द्वारा ओटीएस स्कीम की अवधि बढ़ाना यह दर्शाता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार जमीनी हकीकत को समझते हुए निर्णय ले रही है।
श्री अग्रवाल ने कहा इस फैसले से लंबे समय से लंबित कर मामलों का निपटारा आसान होगा और व्यापारियों को ब्याज, जुर्माना व पेनल्टी से राहत मिलेगी, जिससे उनका आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा। ओटीएस स्कीम के विस्तार से जहाँ कानूनी विवादों और नोटिसों से मुक्ति मिलेगी, वहीं कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) में भी सुधार होगा। इससे व्यापारी बिना किसी दबाव के अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकेंगे। इसके साथ ही बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन में भी आसानी आएगी। श्री अग्रवाल का मानना है कि यह निर्णय निवेश को बढ़ावा देगा और व्यापार विस्तार के नए रास्ते खोलेगा। कुल मिलाकर ओटीएस स्कीम का विस्तार प्रदेश में व्यापारिक माहौल को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार जनहित और व्यापार हित में आगे भी ऐसे ही संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय लेती रहेगी, जिससे पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।






